बेंगलुरु , फरवरी 16 -- कर्नाटक में कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की पारदर्शिता और पंजीकरण स्टेटस पर सवाल उठाये हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पलटवार किया है जिससे दोनों पार्टियों के बीच तीखी जुबानी जंग शुरू हो गयी है।
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने आरएसएस के वैध पंजीकरण, वित्तीय विवरणों का प्रकटीकरण और कामकाज को लेकर सवाल उठाये। उन्होंने पूछा कि क्या देश भर में काम करने वाले संगठन की कानूनी जांच नहीं होनी चाहिए?इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह जानबूझकर राजनीतिक फायदे के लिए भाजपा के 'वैचारिक गुरु' को निशाना बना रही है। उन्होंने आरएसएस का बचाव किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने शासन की नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए 'राष्ट्रवादी संगठनों' को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति ने कहा कि भाजपा निजी आलोचना का सहारा लेकर पारदर्शिता के बारे में 'आधारभूत और जायज सवालों' से बच रही है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भारत में काम करने वाले किसी भी संगठन को कानून का पालन करना चाहिए, जिसमें सही पंजीकरण और वित्तीय जवाबदेही शामिल है। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसे सवाल उठाना जनतांत्रिक अधिकारों के अंदर है और इसे वैचारिकी पर हमला नहीं माना जाना चाहिए।
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