लखनऊ , मार्च 19 -- राष्ट्रीय स्वयंसेवक के प्रांत प्रचारक कौशल जी ने कहा कि संघ की 100 वर्षों की यात्रा केवल संगठन विस्तार नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग में सेवा, संस्कार और राष्ट्रभाव जगाने की रही है। उन्होंने 'पंच परिवर्तन' सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्य, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन और स्वदेशी जीवनशैली को समाज परिवर्तन का आधार बताया।
गुरुवार को हिंदू नववर्ष 2026 पर लखनऊ के 1090 चौराहा के निकट आयोजित भव्य कार्यक्रम में इस बार "पंच परिवर्तन" को सामाजिक जागरण के केंद्रीय संदेश के रूप में प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रीय पर्व एवं उत्सव समिति के तत्वावधान में हुए इस आयोजन ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के संदर्भ में समाज को नई दिशा देने का आह्वान किया।
इस मौके पर इस्कॉन लखनऊ के अध्यक्ष अपरिमेय श्याम दास जी ने इसे आत्मचिंतन और नवसंकल्प का पर्व बताते हुए कहा कि जीवन में संतुलन ही सशक्त समाज की नींव है। वहीं अशोक केडिया जी ने सामाजिक समरसता को भारत की शक्ति बताते हुए भेदभाव से ऊपर उठने की अपील की।
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