जयपुर , जून 22 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि जहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपने पंजीकरण और चंदे तक की जानकारी सरकार को देने से इन्कार कर रहा है, वहीं पुलिस महज आरएसएस की आलोचना करने पर युवाओं को जेल में डाल रही है।

श्री गहलोत ने सोशल मीडिया के माध्यम से सोमवार को यह बात कही। उन्होंने कहा कि क्या इस देश में अब आरएसएस की आलोचना करना कोई अपराध हो गया है। क्या कोई नया गुप्त कानून बन गया है। झुंझुनूं जिले में मंडावा के नवीन की गिरफ्तारी और उसका मोबाइल फोन जब्त करना पूरी तरह तानाशाही है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि किस कानून के तहत यह कार्रवाई हुई। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि नवीन को अविलंब रिहा किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में कई जगहों से इस तरह की घटनाएं सामने आयी हैं। लोकतंत्र में सच बोलने की आवाज को पुलिस के दम पर दबाया नहीं जा सकता। झुंझुनूं के पुलिस अधीक्षक किसके इशारे पर ऐसा कर रहे हैं। पुलिस महानिदेशक को इसका संज्ञान लेना चाहिए।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित