जालंधर , सितंबर 25 -- भारतीय क्रांतिकारी मार्क्सवादी पार्टी (आरएमपीआई) ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्रवाई की आलोचना करते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की है।

पार्टी के महासचिव मंगत राम पासला ने शुक्रवार को जारी बयान में आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर की जा रही कार्रवाई संविधान और कानून के विपरीत है। उन्होंने दावा किया कि मतदाता पंजीकरण के फार्म-6 में नया कॉलम जोड़ा गया है, जिसमें मतदाता के माता-पिता द्वारा 2002-03 में हुई एसआईआर प्रक्रिया में भाग लेने संबंधी जानकारी मांगी जा रही है। श्री पासला ने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त को ऐसा नया प्रावधान जोड़ने का अधिकार नहीं है और इसके लिए संसद से कानून पारित होना चाहिए। उन्होंने एक खोजी पत्रकार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि निर्वाचन आयोग के दो सदस्यों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त की कार्यप्रणाली का कम से कम 14 बार विरोध किया, लेकिन उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूची तैयार करने का काम एसडीएम की निगरानी में होता था, जबकि अब इसके अधिकार एक केंद्रीय अधिकारी को दिये गये हैं।

आरएमपीआई ने 26 सितंबर से दो अक्टूबर तक तीन वामपंथी दलों की ओर से देशभर में प्रस्तावित जन लामबंदी का समर्थन करते हुए विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने की घोषणा की। पार्टी की पंजाब राज्य समिति के सचिव परगट सिंह जामाराए ने सभी पार्टी इकाइयों से इन प्रदर्शनों में भाग लेने की अपील की।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित