भुवनेश्वर , जून 29 -- ओडिशा में सुंदरगढ़ की विशेष सतर्कता अदालत ने सोमवार को पूर्व सहायक उप-निरीक्षक और उनकी पत्नी को आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराया और दोनों को एक-एक साल के कठोर कारावास के साथ-साथ एक-एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनायी।

ओडिशा सतर्कता के अनुसार सुंदरगढ़ जिले के बनई थाने में तैनात रहे प्रभाकर पांडा और राउरकेला में झिरपानी स्थित सरकारी हाई स्कूल की पूर्व सहायक शिक्षिका उनकी पत्नी गीतांजलि पात्रा के खिलाफ उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। दोनों अब सेवा से सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

विशेष सतर्कता न्यायाधीश ने राज्य सरकार को दोषी दंपति की चल-अचल संपत्तियों से आय से अधिक संपत्ति की वसूली के लिए कदम उठाने के भी निर्देश दिए।

दोषसिद्धि के बाद ओडिशा सतर्कता ने कहा कि वह पांडा और पात्रा दोनों के पेंशन को रोकने के लिए सक्षम प्राधिकारी से संपर्क करेगी।

भ्रष्टाचार के एक अन्य मामले में, ओडिशा विजिलेंस ने रिश्वतखोरी के एक मामले में 'मल्टी-पर्पज हेल्थ सुपरवाइजर' रासबिहारी मोहंती को दोषी ठहराया है।

सतर्कता सूत्रों के अनुसार, पातकूरा के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जन्म-मृत्यु अभिलेख अनुभाग के प्रभारी रहे मोहंती के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति से उसके मृत पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के बदले घूस मांगी और ली। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण कानून, 1988 के तहत दर्ज किया गया है।

कटक स्थित विशेष सतर्कता अदालत ने मोहंती को दोषी ठहराया और उन्हें चार साल के कठोर कारावास के साथ जुर्माने की सजा सुनायी।

ओडिशा सतर्कता ने कहा कि वह मोहंती की दोषसिद्धि के बाद उनके भी पेंशन लाभों को रोकने के लिए सक्षम प्राधिकारी के पास जायेगी।

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