रायपुर , जुलाई 21 -- छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सतत निगरानी और विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेपीयू) की कार्रवाई के बाद बिलासपुर जिले के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र से लापता 12 वर्षीय बालिका को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया गया है।
आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने मंगलवार को बताया कि तीन जुलाई को बालिका की मां ने दूरभाष पर संपर्क कर अपनी 12 वर्षीय पुत्री के 27 जून से लापता होने की जानकारी दी थी और उसके असुरक्षित स्थिति में होने की आशंका जताई थी।
उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एसजेपीयू की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रश्मिता कौर से चर्चा कर जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। इसके बाद पांच जुलाई को बिलासपुर पहुंचकर सिरगिट्टी थाना में परिजनों से मुलाकात की गई तथा उन्हें आवश्यक सहयोग का भरोसा दिलाया गया। साथ ही पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी के साथ समीक्षा बैठक कर जांच की प्रगति और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।
आयोग की पहल के बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर तकनीकी और मैदानी जांच तेज की। लगातार कार्रवाई के परिणामस्वरूप नौ जुलाई को बालिका को अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र से सकुशल बरामद किया गया। महिला पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में उसका बयान दर्ज किया गया, जिसमें उसने बताया कि उसके साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बालिका को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
डॉ. शर्मा ने कहा कि प्रत्येक बच्चे की सुरक्षा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आयोग बालिका के पुनर्वास, मनोसामाजिक परामर्श, शिक्षा की निरंतरता तथा बाल संरक्षण से जुड़े अन्य आवश्यक पहलुओं पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करेगा, ताकि वह सामान्य जीवन में सुरक्षित रूप से लौट सके।
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