भोपाल , अक्टूबर 05 -- मध्यप्रदेश के विभिन्न शासकीय आयुष महाविद्यालयों के इंटर्न विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने स्टाइपेंड की राशि में वृद्धि की मांग को लेकर आयुष मंत्रालय के उच्च अधिकारियों से भेंट की। प्रतिनिधिमंडल में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांतमंत्री केतन चतुर्वेदी और 'जिज्ञासा' के प्रांत संयोजक अतुल पटले प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों के समक्ष तथ्यों और आंकड़ों के साथ अपनी मांग रखते हुए कहा कि वर्तमान में आयुष इंटर्न विद्यार्थियों को प्रतिमाह 9,383 रुपए स्टाइपेंड दिया जा रहा है। विद्यार्थियों ने कहा कि मौजूदा महंगाई और उनकी मूलभूत आवश्यकताओं को देखते हुए यह राशि कम है। उन्होंने कहा कि अन्य कई राज्यों की तुलना में मध्यप्रदेश के आयुष इंटर्न विद्यार्थियों का स्टाइपेंड न्यूनतम स्तर पर है, जिससे उनमें असंतोष है।

इंटर्न विद्यार्थियों ने स्टाइपेंड की राशि बढ़ाकर 21,500 रुपए प्रतिमाह किए जाने की मांग की। उन्होंने भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (एनसीआईएसएम) की फरवरी 2022 की राजपत्र अधिसूचना के भाग तीन, खंड चार के विनियम 15 (बी) का हवाला देते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान केंद्र सरकार, राज्य सरकार और संघ राज्य क्षेत्र संस्थानों से संबंधित प्रशिक्षणार्थियों को अन्य चिकित्सा प्रणालियों के बराबर प्रशिक्षणार्थी वेतन दिया जाना चाहिए तथा चिकित्सा प्रणालियों के बीच कोई विसंगति नहीं होनी चाहिए।

विद्यार्थियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक सुनवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

अभाविप के प्रांतमंत्री केतन चतुर्वेदी ने कहा कि आयुष इंटर्न स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके परिश्रम की उपेक्षा नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विद्यार्थियों की मांग के साथ खड़ा है और सरकार को संवेदनशीलता का परिचय देते हुए इस संबंध में तत्काल निर्णय लेकर अधिसूचना जारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समय रहते उचित निर्णय नहीं लिया गया तो छात्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।

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