जगदलपुर , अप्रैल 07 -- कैंसर जैसी गंभीर बीमारी जहां एक ओर मरीजों को शारीरिक रूप से प्रभावित करती है, वहीं दूसरी ओर इलाज का खर्च आर्थिक रूप से भी बड़ा बोझ बन जाता है। ऐसे में आयुष्मान भारत योजना के तहत जगदलपुर स्थित महारानी अस्पताल में मरीजों को सुलभ और निःशुल्क उपचार मिल रहा है, जिससे सीमित संसाधनों वाले परिवारों को राहत मिल रही है।
जगदलपुर निवासी अनीता महावर, जो किराना दुकान संचालित करती हैं, कैंसर के चौथे चरण से जूझ रही हैं। प्रारंभिक उपचार के लिए उन्होंने हैदराबाद में सर्जरी और अन्य प्रक्रियाएं कराईं, जिसमें लगभग 20 से 25 लाख रुपये खर्च हुए। आर्थिक स्थिति प्रभावित होने के बाद उन्होंने आयुष्मान योजना के तहत उपचार शुरू किया। पिछले दो वर्षों से वह महारानी अस्पताल में इलाज करा रही हैं, जहां उन्हें निःशुल्क दवाइयां और नियमित चिकित्सकीय निगरानी मिल रही है।
इसी अस्पताल में एक ऑटो चालक की पत्नी गौरी मिश्रा का भी उपचार जारी है। परिवार की आय सीमित होने के कारण निजी अस्पतालों में इलाज कराना संभव नहीं था। वर्तमान में सरकारी अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के माध्यम से उनका इलाज चल रहा है, जिससे उपचार की निरंतरता बनी हुई है।
अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग मेट्रन लक्ष्मी टांडिया भी ओवरी कैंसर से पीड़ित हैं। उन्होंने पहले बाहर उपचार कराया, जिसमें अधिक खर्च आया। वर्तमान में वह आयुष्मान योजना के तहत महारानी अस्पताल में उपचाररत हैं, जहां उन्हें आवश्यक दवाइयां और चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
अस्पताल में उपचार ले रहे मरीजों के अनुसार, योजना के माध्यम से गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सहायता मिलने से उपचार तक पहुंच आसान हुई है। पहले जहां ऐसे मरीजों को बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, वहीं अब स्थानीय स्तर पर ही उपचार संभव हो रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और योजनाओं के क्रियान्वयन से जिले में गंभीर बीमारियों के उपचार की व्यवस्था मजबूत हुई है। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को आर्थिक दबाव के बिना इलाज कराने में सुविधा मिल रही है।
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