ग्वालियर , अक्टूबर 06 -- आयुष्मान भारत योजना के तहत लंबित भुगतान, मनमानी कटौती और क्लेम रिजेक्शन से परेशान प्रदेश के निजी अस्पतालों ने 08 अक्टूबर से योजना के प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन बहिष्कार का ऐलान किया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) मध्यप्रदेश, मध्यप्रदेश नर्सिंग होम एसोसिएशन और यूनाइटेड प्राइवेट हॉस्पिटल डायरेक्टर्स एसोसिएशन ने यह घोषणा की है।
आईएमए मध्यप्रदेश के अध्यक्ष डॉ. बी.एम. शरणागत की घोषणा के बाद सभी संगठनों ने सहमति जताई है। मंगलवार को ग्वालियर में आईएमए पदाधिकारियों ने पत्रकार वार्ता में कहा कि निजी अस्पताल लंबे समय से संवाद, ज्ञापन और सांकेतिक विरोध के माध्यम से अपनी समस्याएं उठा रहे हैं, लेकिन शासन ने तकनीकी विसंगतियों और लंबित भुगतान की समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि यदि 08 अक्टूबर तक संतोषजनक समाधान नहीं निकला तो बहिष्कार शुरू किया जाएगा। इसके बाद आईएमए के बैनर तले प्रदेशभर के अस्पताल संचालक करीब एक हजार एम्बुलेंस के साथ दिल्ली जाएंगे और प्रधानमंत्री कार्यालय तक अपनी मांगें पहुंचाएंगे।
पदाधिकारियों ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य योजना को बंद कराना नहीं, बल्कि इसे व्यावहारिक, पारदर्शी और टिकाऊ बनाना है, ताकि अस्पताल संचालित रह सकें और गरीब मरीजों को निर्बाध इलाज मिलता रहे।
पत्रकार वार्ता में आईएमए के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक मिश्रा, डॉ. ए.एस. भल्ला, डॉ. ओ.एन. कौल, नर्सिंग एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राकेश रायजादा, डॉ. राहुल सपरा, अध्यक्ष डॉ. नीरज शर्मा, डॉ. सुनील अग्रवाल, डॉ. अनुराग चौहान, ग्वालियर अध्यक्ष डॉ. अंशुमान सोमानी, सचिव डॉ. विनीत चतुर्वेदी और डॉ. रजनीश निखरा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित