नैनीताल , फरवरी 17 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने प्रदेश सरकार को निर्देश दिए हैं कि आयुर्वेद विश्वविद्यालय के शिक्षकों के वेतन और करियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत बकाया भुगतान हेतु तत्काल वित्तीय राशि जारी करें ।

मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने आयुर्वेद विश्वविद्यालय टीचर्स वेल्फेयर एसोसिएशन की याचिका पर सोमवार को सुनवाई करते ये निर्देश जारी किए।

याचिकाकर्ता एसोसिएशन की ओर से कहा गया कि विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की 09 दिसंबर 2025 को संपन्न बैठक में तय किया गया कि कैरियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत पूर्व में दिए गए लाभों के अंतिम समाधान तक अंतरिम व्यवस्था के तौर पर शिक्षकों के 6 महीने के बकाया वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा।

आगे कहा गया कि शिक्षक पिछले कई महीनों से बिना वेतन के काम कर रहे हैं। वेतन का भुगतान न होने से शिक्षकों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

विश्वविद्यालय की ओर से पक्ष रखा गया कि शासन से बजट न मिलने के कारण इस फैसले को लागू नहीं किया जा सका है।

दूसरी ओर राज्य सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि कार्यकारी परिषद के सदस्य के रूप में वित्त सचिव ने कैरियर एडवांसमेंट स्कीम का लाभ देने पर कुछ आपत्तियां दर्ज कराई थीं जिन्हें कार्य परिषद ने नजरअंदाज कर दिया।

खंडपीठ ने इस तर्क को खारिज करते हुए राज्य सरकार को अगली सुनवाई 09 मार्च से पहले अनुपालन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

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