चेन्नई , अप्रैल 06 -- तमिलनाडु में आयकर विभाग ने द्रमुक के निष्कासित पदाधिकारी और तमिल फिल्म प्रोड्यूसर जफर सादिक को एक अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया और बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
आयकर विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को चुनाव आयोग के उड़न दस्तों की टीमों के साथ मिलकर चेन्नई में दस से ज़्यादा जगहों पर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। इन जगहों में एग्मोर, किलपॉक, अन्ना सलाई और पेरम्बुर शामिल थे।
इस अभियान में सादिक से जुड़ी संपत्तियां मुख्य निशाने पर थीं। अधिकारियों ने इस समन्वित अभियान के तहत फोरशोर एस्टेट इलाके में स्थित उनके घर की भी तलाशी ली।
इस कार्रवाई का उद्देश्य सादिक के नेटवर्क के संबंध में जांच का दायरा बढ़ाने के अलावा यह पता लगाना भी था कि क्या चुनावों से पहले मतदाताओं को बांटने के लिए बड़ी मात्रा में नकदी जमा की गई थी।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने सादिक को नौ मार्च, 2024 को गिरफ्तार किया था। उन पर 2,000 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थो की तस्करी रैकेट का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। अधिकारियों का दावा है कि उसने स्यूडोएफेड्रिन (एक नशीला पदार्थ) को मल्टी-ग्रेन मिक्स और कद्दूकस किए हुए नारियल के साथ मिलाकर तस्करी की और इसे ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भेजा।
एनसीबी के अधिकारियों ने अपनी जांच के दौरान सादिक के कम से कम पांच साथियों को भी गिरफ्तार किया था, जिनमें सदानंदन नाम का एक मुख्य सहयोगी भी शामिल था। जब सादिक फरार था, तब ब्यूरो की एक टीम ने अदालती आदेश से शहर के संथोम इलाके में स्थित उसके बंद घर का ताला तोड़कर तलाशी ली।
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