हरिद्वार , जुलाई, 21 -- त्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हरिद्वार में आयोजित आम महोत्सव में किसानों को उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि राज्य सरकार कृषि और बागवानी को आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार और सरकारी योजनाओं के माध्यम से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के साथ-साथ विकास की नई पहचान भी बनेगा।
मुख्यमंत्री ने महोत्सव में विभिन्न प्रजातियों के आमों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया, किसानों से संवाद किया तथा फलदार पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार के आम अपनी गुणवत्ता और स्वाद के लिए देशभर में अलग पहचान रखते हैं। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार कृषि और बागवानी क्षेत्र में कई महत्वाकांक्षी योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने बताया कि एप्पल मिशन के तहत किसानों को 70 से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा कीवी मिशन, ड्रैगन फ्रूट उत्पादन, महक क्रांति तथा सुगंधित एवं औषधीय पौधों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्राकृतिक परफ्यूम के बढ़ते वैश्विक बाजार का लाभ भी उत्तराखंड के किसानों तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू किए गए 'हिमालय ब्रांड' के माध्यम से राज्य की मातृशक्ति द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। बेहतर गुणवत्ता और आकर्षक पैकेजिंग के कारण इन उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी), नकल विरोधी कानून और धर्मांतरण विरोधी कानून जैसे ऐतिहासिक फैसले लेकर उत्तराखंड को देश के लिए एक मॉडल राज्य बनाया है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार के तहत मदरसा शिक्षा प्रणाली में भी पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नया शिक्षा प्राधिकरण गठित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आज कृषि, बागवानी, पर्यटन, निवेश, मत्स्य पालन और खनन जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। खनन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा राज्य को 200 करोड़ रुपये का पुरस्कार मिलना इसकी बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि आम महोत्सव जैसे आयोजन किसानों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और बागवानी क्षेत्र को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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