चंडीगढ़ , अक्टूबर 31 -- पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने आम आदमी पार्टी (आप) की 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए जारी 40 उम्मीदवारों की पहली सूची पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण, ईमानदार राजनीति और पारदर्शिता के बड़े-बड़े दावे टिकट वितरण की पहली परीक्षा में ही धराशायी हो गए हैं। सत्ता में आने से पहले जनता से बड़े-बड़े वादे करने वाली आम आदमी पार्टी अब अपने ही दावों पर खरी नहीं उतर रही है।

श्री सिंह ने शनिवार को कहा कि 40 उम्मीदवारों में से केवल चार महिलाओं को टिकट देना आम आदमी पार्टी की महिला विरोधी मानसिकता और महिलाओं के सम्मान को लेकर किए गए खोखले दावों को उजागर करता है। जो पार्टी महिलाओं को समान अधिकार और राजनीति में अधिक भागीदारी देने की बातें करती थी, उसने टिकट वितरण के समय महिलाओं को हाशिये पर धकेल दिया है। आप नेतृत्व को जवाब देना चाहिए कि महिलाओं को उनका उचित स्थान देने के वादे उम्मीदवारों की सूची से कहां गायब हो गए हैं। उन्होंने कहा कि लुधियाना पश्चिम से संजीव अरोड़ा को उम्मीदवार बनाना, जबकि वह मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद हैं, आप की ईमानदार राजनीति के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के नाम पर सत्ता में आई पार्टी आज गंभीर आरोपों और विवादों का सामना कर रहे नेता को चुनाव मैदान में उतार रही है। आप नेतृत्व को पंजाब की जनता को बताना चाहिए कि ऐसे फैसले लेते समय उसके नैतिकता और ईमानदारी के सिद्धांत कहां चले जाते हैं।

मानसा में परमिंदर सिंह झोटा मामले में न्याय की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए परगट सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी मानसा से अपना उम्मीदवार घोषित करने का साहस भी नहीं जुटा पाई है। आप पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के नाम भी पहली सूची में शामिल नहीं हैं, जो पार्टी के भीतर चल रही राजनीतिक बेचैनी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान अपने करीबी मीडिया सलाहकार को पटियाला शहरी से टिकट दिलाने में भी सफल नहीं हो सके। इस विधानसभा क्षेत्र से अजीतपाल सिंह को उम्मीदवार घोषित किए जाने से टिकट वितरण प्रक्रिया में मुख्यमंत्री के प्रभाव और पार्टी के भीतर उनकी स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

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