बैतूल , जून 25 -- केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आमला जंक्शन रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण एवं पुनर्विकास कार्य की धीमी प्रगति को लेकर स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने चिंता व्यक्त की है।
करीब 33 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का उद्देश्य स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर यात्रियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है। योजना के तहत स्टेशन परिसर में 700 मीटर लंबा और 9 मीटर चौड़ा नया सर्कुलेटिंग एरिया, 2,000 वर्गमीटर का पार्किंग क्षेत्र, चार लिफ्ट, चार रैंप तथा नया फुटओवर ब्रिज बनाया जाना है।
परियोजना में 450 वर्गमीटर क्षेत्र में म्यूरल वॉल पेंटिंग, 3,000 वर्गमीटर में लैंडस्केपिंग तथा 500 मीटर लंबे पाथवे का निर्माण भी प्रस्तावित है। इसके अलावा मॉड्यूलर शौचालय, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, बेहतर बैठने की सुविधा, कोच इंडिकेशन बोर्ड और वीडियो डिस्प्ले बोर्ड लगाने की योजना शामिल है। यार्ड क्षेत्र में बाउंड्रीवॉल, आरपीएफ बैरक तथा अन्य कार्यालयों के पुनर्निर्माण का कार्य भी किया जाना है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि परियोजना की घोषणा के बाद अपेक्षित गति से कार्य नहीं हुआ है। स्टेशन परिसर के विभिन्न हिस्सों में निर्माण सामग्री बिखरी होने से यात्रियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि काफी समय बीत जाने के बावजूद यात्रियों को प्रस्तावित सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाया है।
जनसेवा कल्याण समिति के अध्यक्ष राहुल धेण्डे, अमित यादव और सागर चौहान ने रेलवे प्रशासन पर निर्माण कार्य में सुस्ती बरतने का आरोप लगाते हुए इसे निर्धारित समय सीमा में पूरा करने की मांग की है।
वहीं रेलवे प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज किया है। एडीएम रेलवे रमेश प्रसाद ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत निर्माण कार्य प्रगति पर है और इसकी नियमित मॉनिटरिंग एवं निरीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि संबंधित एजेंसियों को कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
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