बैतूल , जून 20 -- मध्य प्रदेश में बैतूल जिले के आमला शहर में बस स्टैंड से चंद्रभागा नदी तक बनाए जा रहे डिवाइडर निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही सामने आई है। करीब 54.84 लाख रुपए की लागत से चल रहे इस प्रोजेक्ट की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें मिलने के बाद निर्माण के एक हिस्से को तोड़ना पड़ा, लेकिन इसके बाद भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी किए जाने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार डिवाइडर निर्माण कार्य में घटिया गुणवत्ता की शिकायतें मिलने पर नगर पालिका ने संबंधित ठेकेदार को सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद डिवाइडर के कुछ हिस्सों को हटाया गया लेकिन तोड़े गए हिस्से से निकले लोहे के नुकीले सरियों को सड़क से नहीं हटाया गया। ये सरिए सड़क के बीच खुले में पड़े हुए हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है, जहां दिन-रात दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में सड़क के बीच निकले हुए लोहे के सरिये किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। खासकर रात के समय वाहन चालकों और राहगीरों के लिए यह स्थिति और अधिक जोखिमपूर्ण हो जाती है।

मामले को लेकर नगर पालिका प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। उपयंत्री सुभाष शर्मा ने शनिवार को बताया कि संबंधित ठेकेदार को अंतिम नोटिस जारी किया गया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए तथा सुरक्षा संबंधी सभी कमियों को तत्काल दूर किया जाए।

वहीं नगर पालिका अध्यक्ष नितिन गाडरे ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि खुले में पड़े सरियों को तत्काल हटाकर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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