बैतूल , अगस्त 08 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की आमला पुलिस ने दिनदहाड़े हुई करीब 20 लाख रुपये की नकबजनी का खुलासा करते हुए अंतरजिला गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 18 से 20 लाख रुपये मूल्य के चोरी गए सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। दोनों आरोपियों के विरुद्ध प्रदेश के विभिन्न जिलों में चोरी, नकबजनी, लूट तथा अन्य गंभीर अपराधों के अनेक मामले दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार 26 मई 2026 को आमला के बोड़खी नाका निवासी दम्मूलाल सूर्यवंशी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात बदमाश उनके सूने मकान का ताला तोड़कर भीतर घुस गए और दो आलमारियों के लॉक तोड़कर करीब पांच लाख रुपये नकद तथा सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर ले गए। इस संबंध में थाना आमला में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 331(4) एवं 305(ए) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र कुमार जैन के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने अंगुल चिन्ह विशेषज्ञ, डॉग स्क्वाड, साइबर तकनीक तथा मुखबिर तंत्र की सहायता से आरोपियों की पहचान की। तीन अगस्त को जितेंद्र उर्फ मंझले विश्वकर्मा निवासी नरसिंहपुर तथा सुरेंद्र उर्फ विक्की ठाकुर निवासी सिवनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान दोनों ने वारदात स्वीकार कर ली, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर चोरी गए सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पहले से किसी विशेष मकान को निशाना नहीं बनाते थे। जिस क्षेत्र में सूना मकान दिखाई देता, वहीं तत्काल योजना बनाकर कुछ ही मिनटों में ताला तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते थे। घटना वाले दिन भी दोनों आरोपी पिपरिया और इटारसी होते हुए बैतूल पहुंचे थे। लौटते समय बोड़खी क्षेत्र में सूना मकान देखकर उन्होंने लगभग 15 से 20 मिनट में चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं। उनके खिलाफ नरसिंहपुर, सिवनी, सागर, रायसेन, छिंदवाड़ा तथा बैतूल सहित कई जिलों में चोरी, नकबजनी, लूट और आर्म्स एक्ट के प्रकरण दर्ज हैं। संगठित रूप से अपराध करने की प्रवृत्ति सामने आने पर पुलिस ने इस मामले में बीएनएस की धारा 111 भी जोड़ दी है।
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र कुमार जैन ने नागरिकों से अपील की है कि घर लंबे समय तक खाली छोड़ने से पहले इसकी सूचना स्थानीय पुलिस अथवा विश्वसनीय पड़ोसियों को दें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को उपलब्ध कराएं।
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