उदयपुर , नवम्बर 03 -- राजस्थान में आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने कहा है कि अक्टूबर में राजस्व वृद्धि के तहत राज्य विकास दर 24.30 प्रतिशत रही जो संतोषजनक है, लेकिन कई जिलों की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही है जिनको नवम्बर में समीक्षा करके सुधार करना चाहिए।
श्री मेहता मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से विभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में अक्टूबर में गत वर्ष की तुलना में जोधपुर 29.93 प्रतिशत की राजस्व विकास दर्ज करके प्रथम रहा। इसके बाद बीकानेर, अजमेर, उदयपुर, भरतपुर, जयपुर एवं कोटा रहे। इसी प्रकार 30 प्रतिशत से अधिक राजस्व वृद्धि वाले जिले डूंगरपुर, नागौर, बीकानेर, झुंझुनूं, जोधपुर, बाड़मेर, दौसा, कोटपुतली- बहरोड़, सिरोही रहे।
उन्होंने बताया कि राजस्व वृद्धि के तहत राज्य औसत वृद्धि से पिछडे़ जिले कोटा, बांसवाड़ा, जैसलमेर, बूंदी, जयपुर सिटी, प्रतापगढ़, जयपुर ग्रामीण, भरतपुर, अलवर, पाली, सीकर एवं हनुमानगढ़ को वृत्तवार नियमित समीक्षा करके अपेक्षित सुधार के लिए निर्देशित किया गया।
श्री मेहता ने वसूली की समीक्षा करते हुए वृत्तवार लक्ष्य तय करके नियमित निगरानी के लिए कहा गया। इसी क्रम में समस्त जिलों को सम्पत्ति एवं वाहन नीलामी से संबंधित योजना मुख्यालय भिजवाने के निर्देश दिए। बकाया वसूली के तहत जयपुर ग्रामीण द्वारा नीलामी द्वारा वसूली को सराहा गया।
अतिरिक्त आबकारी आयुक्त प्रदीप सिंह सांगावत ने जिलेवार लक्ष्य एवं प्रगति के संबंध में प्रस्तुतीकरण द्वारा विस्तृत समीक्षा प्रस्तुत की।
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