समाणा , मार्च 19 -- शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने गुरुवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निवेश के आंकड़ों को लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
समाणा में एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए श्री बादल ने कहा कि सरकार द्वारा दावा किया गया 1.55 लाख करोड़ रुपये का निवेश महज कागजी है, जबकि हकीकत में यह राशि बहुत कम है। उन्होंने खुलासा किया कि 'पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन' से मिली नवीनतम आरटीआई जानकारी के अनुसार, पिछले चार वर्षों में पंजाब में केवल 2600 करोड़ रुपये का ही वास्तविक निवेश हुआ है। उन्होंने कहा, " मुख्यमंत्री 1.55 लाख करोड़ के निवेश का झूठ बोल रहे हैं, जबकि हकीकत में टाटा स्टील लुधियाना का 2600 करोड़ रुपये का निवेश ही एकमात्र बड़ी उपलब्धि है। " उन्होंने आरोप लगाया कि गैंगस्टर संस्कृति और जबरन वसूली के डर से निवेशक पंजाब आने से कतरा रहे हैं।
बेअदबी की घटनाओं पर दुख व्यक्त करते हुए सुखबीर बादल ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल इन मामलों में मृत्युदंड (फांसी की सजा) का प्रावधान करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। उन्होंने याद दिलाया कि 2016 में अकाली दल सरकार ने उम्रकैद का कानून बनाया था, जिसे केंद्र ने मंजूरी नहीं दी थी। उन्होंने 'आप' पर निशाना साधते हुए कहा कि बेअदबी की घटनाएं 2014 के बाद बढ़ी हैं और इनके अपने विधायक नरेश यादव इसमें दोषी पाये गये थे। राज्य सरकार द्वारा सरकारी शिक्षकों को नशों की जनगणना में लगाने के निर्णय की कड़ी निंदा करते हुए बादल ने कहा, " शिक्षकों का काम बच्चों को पढ़ाना है, सर्वेक्षण करना नहीं। इस फैसले से सरकारी स्कूलों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी और शिक्षकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सरकार को इस फैसले को तुरंत वापस लेना चाहिए।"आगामी चुनावों और पार्टी के दृष्टिकोण को साझा करते हुए श्री बादल ने पंजाब की जनता के लिए कई बड़े वादे किये। उन्होंने कहा कि स्नातक स्तर तक सभी छात्रों को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना और युवाओं को 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण, सामाजिक सुरक्षा, बुढ़ापा पेंशन बढ़ाकर 3100 रुपये करना और शगुन योजना के तहत एक लाख रुपये की सहायता और पशुपालन पर 75 प्रतिशत सब्सिडी और आटा-दाल योजना का विस्तार किया जाएगा।
उन्होंने दिल्ली की पार्टियों (कांग्रेस और आप) पर पंजाब के संसाधनों को लूटने का आरोप लगाया और कहा कि केवल क्षेत्रीय पार्टी ही पंजाब के हक की लड़ाई लड़ सकती है। इस अवसर पर उनके साथ समाणा हलका प्रभारी जगमीत सिंह हरियाउ और अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।
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