रायपुर , अप्रैल 13 -- छत्तीसगढ़ में आम आदमी पार्टी (आप) ने कॉरपोरेट, प्रशासन और सरकार के बीच कथित गठजोड़ को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।

पार्टी ने पूर्व आईएफएस अधिकारी एसएस बोआज की जिंदल समूह में कॉरपोरेट लाइजनिंग के राज्य प्रमुख के रूप में नियुक्ति पर सवाल खड़े करते हुए इसे जनहित और पारदर्शिता के लिए खतरा बताया है।

आप के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने सोमवार को कहा- यह नियुक्ति सामान्य प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि कॉरपोरेट प्रभाव और सत्ता-संबंधों के खतरनाक गठजोड़ का संकेत है। उनका कहना है कि प्रशासनिक अनुभव और संवेदनशील जानकारियों तक पहुंच रखने वाले पूर्व अधिकारी के कॉरपोरेट भूमिका में आने से हितों के टकराव की स्थिति बन सकती है, जिससे नियम-कानूनों के दुरुपयोग की आशंका बढ़ जाती है।

श्री जायसवाल ने विशेष रूप से रायगढ़ और तमनार क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि इन इलाकों में पहले से ही पर्यावरण, प्रदूषण, विस्थापन और जल संकट जैसी समस्याएं मौजूद हैं। ऐसे में कॉरपोरेट कंपनियों द्वारा पूर्व अधिकारियों को लाइजनिंग की जिम्मेदारी देना इस बात का संकेत है कि वे प्रशासनिक प्रभाव का उपयोग कर अपने हित साधना चाहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे जनता की आवाज दब सकती है और नियमों को अपने पक्ष में मोड़ा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों पर सार्वजनिक संसाधनों की रक्षा और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की जिम्मेदारी थी, उनका कॉरपोरेट क्षेत्र में इस तरह प्रवेश लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। इसे नैतिक पतन और सार्वजनिक विश्वास के साथ विश्वासघात करार देते हुए उन्होंने राज्य सरकार पर भी निशाना साधा।

आप ने इस मामले में स्वतंत्र जांच की मांग की है। साथ ही पूर्व अधिकारियों के कॉरपोरेट भूमिकाओं को लेकर सख्त नियम बनाने और संवेदनशील क्षेत्रों में चल रही कॉरपोरेट गतिविधियों की पारदर्शी समीक्षा कराने की मांग की गई है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो वह इसे लेकर जन आंदोलन करेगी।

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