चंडीगढ़ , मई 12 -- आम आदमी पार्टी (आप) ने पंजाब के आर्मी स्कूलों में संस्कृत को अनिवार्य एवं पंजाबी को वैकल्पिक विषय बनाए जाने के कथित फैसले की कड़ी निंदा की है तथा राज्य की पहचान, भाषा और सांस्कृतिक विरासत पर हमला बताया है। आप के प्रंदेश मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने मंगलवार को कहा कि पंजाबी अपनी मातृभाषा की गरिमा पर किसी भी तरह का हमला कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। पंजाब की धरती पर पंजाबी भाषा को दूसरे दर्जे पर रखना पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार लगातार पंजाब के अधिकारों और पहचान को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।

श्री पन्नू ने कहा कि चंडीगढ़, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) और पंजाब विश्वविद्यालय जैसे मुद्दों पर भी भाजपा ने पंजाब के हितों को कमजोर करने का प्रयास किया है। अब आर्मी स्कूलों में पंजाबी की अहमियत घटाकर केंद्र ने फिर अपना पंजाब विरोधी रवैया दिखाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी किसी भाषा के खिलाफ नहीं है, लेकिन पंजाब में पंजाबी भाषा के सम्मान से समझौता नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि यह केवल भाषाई भेदभाव नहीं, बल्कि पंजाब को उसकी सांस्कृतिक जड़ों से काटने की साजिश है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि पंजाबी हमेशा अपनी मातृभाषा के सम्मान के लिए एकजुट रहे हैं और आगे भी ऐसी नीतियों का डटकर विरोध करेंगे।

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