चंडीगढ़ , अक्टूबर 25 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के उपाध्यक्ष परमजीत सिंह कैंथ ने शनिवार को कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसदों द्वारा सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास (एमपीलैड) निधि का पूरा इस्तेमाल न कर अनुसूचित जाति समुदायों के विश्वासघात किया है।

श्री कैंथ ने कहा कि पंजाब सरकार के सात में से छह राज्यसभा सांसदों ने अपने आवंटित धन (2022-25) का 27 प्रतिशत से भी कम खर्च किया है, यह तीन करोड़ से अधिक आबादी वाले पंजाब के लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार, सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत राज्यसभा सांसदों को प्रति वर्ष पांच करोड़ रुपये प्रदान करती है, जो 2.5 करोड़ रुपये की दो किश्तों में वितरित की जाती है, जिसे सांसद निधि भी कहा जाता है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा सदस्य इस राशि का उपयोग उस राज्य में विकास परियोजनाओं के लिए कर सकते हैं, जहां से वे चुने जाते हैं।

भाजपा नेता कैंथ ने कहा कि राज्यसभा सांसदों को अपने निर्वाचन क्षेत्र के बाहर अपने राज्य के एक या एक से अधिक जिलों में विकास परियोजनाओं की सिफारिश करने की अनुमति है, और गंभीर प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में, सांसद भारत में कहीं भी परियोजनाओं के लिए एक करोड़ तक आवंटित कर सकते हैं।

श्री कैंथ ने भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पंजाब के छह राज्यसभा सदस्यों ने अपनी सांसद निधि का काफी कम उपयोग किया है, और आवंटित धनराशि (2022-25) का 27 प्रतिशत से भी कम खर्च किया है, जिससे लगभग 74 करोड़ रुपये अप्रयुक्त रह गये हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के विकास के लिए, खासकर अनुसूचित जाति समुदायों के लिए, एमपीलैड फंड का उपयोग आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर लगाये गये आरोप कि, विकास के लिए हमें पैसा जारी नहीं किया जाता है, लेकिन यह आरोप भी गलत साबित हुआ है क्योंकि उन्होंने विकास के लिए यह राशि आवंटित की थी लेकिन उनके राज्यसभा सांसदों ने इसका पूरा उपयोग नहीं किया, जो बेहद निंदनीय है।

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