चंडीगढ़, 31अक्टूबर (वार्ता) पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने शनिवार को आम आदमी पार्टी (आप) की ओर से 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए जारी 40 उम्मीदवारों की पहली सूची पर तीखा हमला बोला है।
उन्होंने कहा कि यह 40 उम्मीदवारों की सूची नहीं, बल्कि पंजाब के विनाश के लिए जिम्मेदार 40 लोगों की सूची है। उन्होंने आरोप लगाया कि सूची में ऐसे नेताओं को जगह दी गई है, जो ईमानदारी और जनसेवा के लिए पहचाने जाने के बजाय गंभीर आरोपों और विवादों में घिरे हुए हैं।
श्री ढिल्लों ने कहा कि आप सरकार पूरे पंजाब में 'ईमानदार मुख्यमंत्री' के होर्डिंग लगाकर लोगों को गुमराह कर रही है। राज्य की मौजूदा स्थिति को देखते हुए इन होर्डिंगों पर 'बेईमान मुख्यमंत्री' लिखा होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आप की सूची में शामिल कई उम्मीदवारों पर भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी, धन शोधन और अन्य गंभीर अपराधों के आरोप हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आप चाहे अभी उम्मीदवार घोषित करे या बाद में, पंजाब की जनता अब इस पार्टी को दोबारा स्वीकार नहीं करेगी। उनके अनुसार, पंजाब के लोग पहले ही पार्टी के झूठे वादों का खामियाजा भुगत चुके हैं और अब दोबारा उसके बहकावे में नहीं आएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि आप ने पंजाब में बदलाव का वादा करके सत्ता हासिल की, लेकिन सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। दिल्ली में चुनावी हार के बाद पंजाब आए पार्टी के नेताओं और विधायकों ने पिछले पांच वर्षों में राज्य का शोषण किया है और अब फिर ऐसा करने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग राज्य को दोबारा लूटने की किसी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
श्री ढिल्लों ने कहा कि आप ने पिछले पांच वर्षों में पंजाब को बर्बादी की ओर धकेला है। पार्टी ने जिन नेताओं को दोबारा चुनाव मैदान में उतारा है, वे करीब पांच वर्षों से सत्ता में हैं और राज्य की मौजूदा स्थिति के लिए समान रूप से जिम्मेदार हैं। राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में कानून का डर लगभग समाप्त हो गया है। हत्या, फिरौती और गोलीबारी की घटनाएं आम हो गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार नशे की समस्या पर अंकुश लगाने में भी नाकाम रही है और युवा लगातार नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि पंजाब के लोग सरकार के कामकाज से बेहद असंतुष्ट हैं और आप विधायकों को अपने गांवों में प्रवेश नहीं करने देना चाहते। उन्होंने चेतावनी दी कि आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद आप नेताओं को गांवों में लोगों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ेगा और उनके लिए गांवों में जाना मुश्किल हो जाएगा।
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