नयी दिल्ली , फरवरी 20 -- अमेरिका ने सिलिकॉन जैसे दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति की वैश्विक कड़ियों में विविधता और मजबूती लाने के लिए बने गठबंधन पैक्स सिलिका में भारत की सदस्यता को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा है कि यह समझौता उन देशों का जवाब है जो आपूर्ति को निर्भर देशों के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल करते रहे हैं।

भारत ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में अमेरिका के साथ पैक्स सिलिका पर हस्ताक्षर किये। इस अवसर पर इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ उपस्थित अमेरिका के उप मंत्री जैकब हेलबर्ग ने कहा कि भारत और अमेरिका ने इस समझौते पर हस्ताक्षर कर दुलर्भ खनिजों की आपूर्ति के लिए दूसरों पर निर्भरता की मजबूरी का फायदा उठाने वाले देशों को संकेत भेजा है कि अब उनकी नहीं चलेगी।

श्री हेलबर्ग ने कहा , "समझौता केवल कागज पर एक करार नहीं है, बल्कि एक साझा भविष्य का रास्ता है।... हम साथ मिलकर यह संदेश दे रहे हैं कि आर्थिक सुरक्षा ही राष्ट्रीय सुरक्षा है। संप्रभुता किसी वैश्विक दफ्तर या नौकरशाही से नहीं आती। यह उन निर्माताओं से आती है, जो आज इस कमरे में मौजूद हैं।"अमेरिकी उपमंत्री ने कहा कि यह घोषणा एआई के क्षेत्र में नए आविष्कारों को बढ़ावा देने वाली है। इसके साथ ही यह तकनीकी विकास को रोकने की कोशिशों के खिलाफ खड़े होने का एक संकल्प है।

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