ईटानगर , सितंबर 09 -- उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने बुधवार को कहा कि आदिवासी समुदाय न केवल भारत के अतीत के संरक्षक हैं, बल्कि देश के भविष्य को आकार देने में भी महत्वपूर्ण भागीदार हैं।
श्री राधाकृष्णन ने विकास के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण भी जरूरी बताया। उन्होंने ईटानगर में निशी समुदाय और अन्य स्थानीय समूहों की 'दोनी-पोलो' आस्था से जुड़े पवित्र पूजा स्थल और सामुदायिक केंद्र 'नेदार नामलो' में एक सामुदायिक सभा को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।
उपराष्ट्रपति ने 'नेदार नामलो' प्रार्थना कक्ष में पूजा-अर्चना की और उन्हें निशी समुदाय की स्थानीय आस्था, उनकी मान्यताओं और प्रार्थना पद्धतियों, 'येर्को' स्थानीय गुरुकुल प्रणाली, पारंपरिक ज्ञान और औषधीय पद्धतियों के संरक्षण तथा मातृभाषा को बढ़ावा देने की पहलों के बारे में जानकारी दी गयी।
श्री राधाकृष्णन ने न्येदर नमलो की यात्रा को अपने लिए सौभाग्य की बात बताया। उन्होंने इसे ऐसी जगह बताया, जहां परंपराएं आधुनिक सोच का रूप लेती हैं और आधुनिक सोच परंपराओं को नष्ट नहीं करती। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश को भारत की विविधता में एकता का गौरवपूर्ण उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यहां प्राचीन परंपराएं और आधुनिक आकांक्षाएं एक साथ आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने राज्य के लोगों की भी प्रशंसा की और कहा कि वे देश की क्षेत्रीय अखंडता के प्रहरी के रूप में खड़े हैं।
डोनी-पोलो परंपरा में शामिल मूल्यों का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रकृति, सत्य, सद्भाव और समुदाय पर इसका जोर आज की आधुनिक दुनिया में भी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, ''स्वदेशी संस्कृति का संरक्षण बदलाव का विरोध करना नहीं है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बदलाव की कीमत हमारी पहचान को चुकानी न पड़े।''न्यीशी न्यीदुंग मुंग-ज्वंग रालुंग के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि दस्तावेज तैयार करने, शोध, पारंपरिक त्योहारों, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा प्रथागत कानूनों और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण के क्षेत्र में उसका काम समुदाय की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने येरको गुरुकुल प्रणाली का भी उल्लेख किया और इसे आधुनिक शिक्षा को स्वदेशी ज्ञान के साथ जोड़ने का एक महत्वपूर्ण मॉडल बताया।उन्होंने कहा कि इस तरह का दृष्टिकोण बच्चों को अपनी जड़ों से मजबूती से जुड़े रहने के साथ-साथ आधुनिक अवसरों को अपनाने में सक्षम बना सकता है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित