बैतूल , जुलाई 14 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में दो आदिवासी महिलाओं ने अपनी पुश्तैनी भूमि पर कथित अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर से निष्पक्ष जांच, सीमांकन और कब्जा हटाने की मांग की है। जिला प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लेकर जांच प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।

घोड़ाडोंगरी तहसील की शोभापुर कॉलोनी निवासी गोंड समाज की सुकिया और सुनीता, पिता स्वर्गीय सोमा गोंड, मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में पहुंचीं। उन्होंने कलेक्टर को दिए आवेदन में कहा कि मौजा बगडोना स्थित खसरा नंबर 146/1 एवं 146/2, कुल रकबा 1.247 हेक्टेयर भूमि, उनके पिता के निधन के बाद उनके नाम दर्ज है, लेकिन इस पर कथित रूप से कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है।

शिकायत में मंजूर अहमद रिजवी और फारुख अहमद रिजवी का नाम लेते हुए आरोप लगाया गया है कि विवादित भूमि पर "मोम टू मोम प्ले स्कूल" संचालित किया जा रहा है। महिलाओं ने यह भी दावा किया कि समीप स्थित खसरा नंबर 146/3 पर मस्जिद का निर्माण किया गया है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि भूमि स्वामित्व को लेकर विवाद है, तो संबंधित स्कूल को मान्यता किस आधार पर प्रदान की गई।

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि राजस्व विभाग की टीम जब भी सीमांकन के लिए पहुंचती है, तब जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया जाता है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उनकी भूमि को वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) की जमीन बताकर अधिकारियों को गुमराह किया जाता है, जिससे कथित कब्जा बना हुआ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अपनी भूमि पर खेती करने से रोका जा रहा है।

महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि भूमि खाली करने की बात कहने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया तथा जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने जिला प्रशासन से राजस्व अभिलेखों के आधार पर निष्पक्ष सीमांकन कराने, कथित अवैध कब्जा हटाने तथा संबंधित लोगों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की है।

प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लिया है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद ही भूमि स्वामित्व, कब्जे और अन्य आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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