बैतूल , नवम्बर 17 -- मध्यप्रदेश के बैतूल में आदिवासी कन्या परिसर की छात्राएं सोमवार को स्कूल ड्रेस में कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गईं। छात्राओं ने भोजन की खराब गुणवत्ता, भोजन में इल्लियां निकलने, अधीक्षक के अनुचित व्यवहार और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर विरोध दर्ज कराया। सूचना मिलने पर बैतूल एसडीएम मौके पर पहुंचे और कलेक्ट्रेट की सीढ़ियों पर बैठकर छात्राओं की शिकायतें सुनीं। उन्होंने तत्काल जांच के निर्देश दिए।

एसडीएम ने मौके से ही स्कूल प्राचार्य को फोन कर छात्राओं की शैक्षणिक समस्याओं का समाधान करने को कहा। चूंकि सहायक आयुक्त विवेक पांडे अवकाश पर हैं, इसलिए एसडीएम ने प्रभारी अधिकारी को सभी शिकायतों का तुरंत निराकरण करने के आदेश दिए।

छात्राओं ने अधिकारियों को बताया कि हॉस्टल के भोजन में अक्सर इल्लियां निकलती हैं और भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब है। इस पर एसडीएम ने तहसीलदार पूनम साहू को छात्रावास पहुंचकर भोजन और संपूर्ण व्यवस्था का निरीक्षण करने तथा जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। हालांकि छात्राओं ने मीडिया से बातचीत करने से इनकार कर दिया।

उल्लेखनीय है कि पिछले महीने शाहपुर के एकलव्य छात्रावास के सैकड़ों छात्र भी इसी प्रकार की समस्याओं के चलते 36 किलोमीटर पैदल चलकर बैतूल की ओर आ गए थे। उस समय कलेक्टर ने रास्ते में पहुंचकर उन्हें समझाया था। इस मामले की जांच भोपाल और दिल्ली के अधिकारी कर रहे हैं। जांच में गंभीर शिकायतें सही पाए जाने पर प्राचार्य को हटाया गया था और दो कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं।

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