झाबुआ , अप्रैल 28 -- मध्यप्रदेश के आदिवासी अंचल झाबुआ जिले में इन दिनों भीषण गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से जनजीवन प्रभावित हो गया है और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने लगा है।

जिला मुख्यालय सहित शहरी और ग्रामीण इलाकों में सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। तेज धूप और लू के कारण लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। वहीं बाजारों में एसी, कूलर, पंखों, ठंडे पेय पदार्थों, फल और हरी सब्जियों की मांग बढ़ गई है। शादी-विवाह आयोजनों में भी गर्मी के कारण विशेष व्यवस्थाएं करनी पड़ रही हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल के लिए लोगों को दूर-दूर तक नदी और तालाबों का सहारा लेना पड़ रहा है। कई स्थानों पर ग्रामीण झिरी खोदकर पानी निकाल रहे हैं। अधिकांश गांवों में हैंडपंप ही एकमात्र स्रोत हैं, लेकिन बड़ी संख्या में हैंडपंप बंद होने से समस्या और बढ़ गई है। रामा, पारा, कल्याणपुरा, रानापुर, कुंदनपुर, पिटोल और साड-सदावा क्षेत्रों में पानी को लेकर मारामारी की स्थिति बनी हुई है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की कई नल-जल योजनाएं अधूरी होने से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। पशुओं के लिए भी पानी और चारे की कमी देखी जा रही है।

मौसम विज्ञान केंद्र और चिकित्सकों ने नागरिकों को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और छायादार स्थानों पर रहने की सलाह दी है। रात का तापमान भी 28 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना हुआ है, जिससे गर्मी का असर लगातार बना हुआ है। इस बीच अघोषित बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों बिजली बाधित रहने से लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

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