भोपाल , मई 12 -- मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आदिवासियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट प्रदेश में आदिवासी समाज की असुरक्षा और कानून व्यवस्था की विफलता को उजागर करती है।
श्री सिंघार ने जारी बयान में कहा कि एनसीआरबी 2024 की रिपोर्ट के अनुसार देशभर में आदिवासियों के खिलाफ दर्ज कुल अपराधों में 31.75 प्रतिशत मामले अकेले मध्यप्रदेश में दर्ज हुए हैं, जो गंभीर स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश पिछले कई वर्षों से आदिवासियों के खिलाफ अपराधों के मामले में शीर्ष राज्यों में बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि आदिवासी बहुल राज्य होने के बावजूद प्रदेश में आदिवासी समाज शोषण, हिंसा और अन्याय का सामना कर रहा है। सरकार मंचों पर आदिवासी सम्मान की बात करती है, लेकिन जमीन पर उनकी सुरक्षा और अधिकार कमजोर हो रहे हैं।
श्री सिंघार ने आरोप लगाया कि आदिवासी महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की स्थिति भी चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में आदिवासी महिलाओं और बच्चों से दुष्कर्म के 358 मामले दर्ज हुए, जो देश के कुल मामलों का 28.23 प्रतिशत है। उन्होंने इसे कानून व्यवस्था की विफलता और सामाजिक संवेदनहीनता बताया।
उन्होंने कहा कि पोक्सो अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में वृद्धि यह संकेत देती है कि आदिवासी बच्चे भी सुरक्षित नहीं हैं। अपहरण, जबरन विवाह और यौन अपराधों की घटनाएं अपराधियों में कानून के भय की कमी को दर्शाती हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने इंदौर और सिंगरौली की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि आदिवासी समाज के सम्मान और अधिकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध उत्खनन और माफिया गतिविधियों के विरोध में आवाज उठाने वाले आदिवासियों को हिंसा का सामना करना पड़ रहा है।
श्री सिंघार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास गृह विभाग भी है, ऐसे में सरकार को आदिवासियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल अपराध दर्ज होने को जागरूकता का परिणाम बताकर सरकार जिम्मेदारी से नहीं बच सकती।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को सुरक्षा, सम्मान और न्याय की आवश्यकता है तथा उनकी जमीन, जंगल और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। कांग्रेस आदिवासी समाज की आवाज उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी।
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