रायपुर , जून 11 -- छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से तीन अपर संचालकों के स्थानांतरण और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं।

विभाग ने बस्तर, सरगुजा और बिलासपुर संभाग से जुड़े जनजातीय विकास कार्यक्रमों की निगरानी तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के मद्देनजर यह निर्णय लिया है।

विभागीय आदेश के अनुसार विशेष केंद्रीय सहायता योजना (बस्तर पैकेज), धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीएजेजीयूए), प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन), वन अधिकार अधिनियम-2006, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, विभागीय छात्रावास एवं आश्रम संचालन, संविधान के अनुच्छेद 275(1) के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों तथा एकीकृत आदिवासी विकास प्राधिकरण (आईटीडीए) की योजनाओं के बेहतर संचालन और पर्यवेक्षण के लिए अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

आदेश के तहत जितेंद्र कुमार गुप्ता, अपर संचालक, वर्तमान में कार्यालय आयुक्त, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर में पदस्थ हैं, उन्हें अपर संचालक, परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र, बिलासपुर नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें सरगुजा संभाग की विभागीय योजनाओं एवं कार्यों के लिए नोडल अधिकारी का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है। उनका मुख्यालय अंबिकापुर (जिला सरगुजा) निर्धारित किया गया है।

इसी प्रकार राधेश्याम भोई, अपर संचालक, वर्तमान में कार्यालय आयुक्त, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर में पदस्थ हैं, को अपर संचालक, परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र, जगदलपुर पदस्थ किया गया है। उन्हें बस्तर संभाग की विभागीय योजनाओं एवं कार्यों के लिए नोडल अधिकारी की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है। उनका मुख्यालय जगदलपुर (जिला बस्तर) रहेगा।

वहीं तारकेश्वर देवांगन, अपर संचालक, वर्तमान में अपर संचालक, परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र, बिलासपुर में कार्यरत हैं, उनका स्थानांतरण कार्यालय आयुक्त, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर अटल नगर किया गया है।

विभाग ने संबंधित अधिकारियों को एकपक्षीय रूप से कार्यमुक्त करते हुए निर्देश दिया है कि वे 15 जून 2026 तक अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जून 2026 का वेतन नई पदस्थापना वाले कार्यालय से आहरित किया जाएगा।

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