मुंबई , अक्टूबर 09 -- शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए उस पर देश में अघोषित आपातकाल थोपने और लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप लगाया।

राष्ट्रीय राजनीतिक घटनाक्रम एवं स्थानीय प्रशासनिक मुद्दों पर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारुढ़ सरकार में आधिकारिक रूप से आपातकाल घोषित करने की हिम्मत नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भारत में लोकतंत्र बचा है और दावा किया कि केंद्र सरकार देश के युवाओं से डरी हुई है।

राष्ट्रीय राजधानी में लगी पाबंदियों का उल्लेख करते हुए श्री ठाकरे ने कहा कि दिल्ली की ओर मार्च कर रहे छात्रों को रोकने के लिए मेट्रो और रेलवे सेवाओं को जान-बूझकर बाधित किया गया। पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए उन्होंने पूछा कि अगर यह आपातकाल नहीं है,तो इतनी सख़्त कार्रवाई का क्या मतलब है जिसमें लाठीचार्ज, आपराधिक मामले दर्ज करना और युवाओं को हिरासत में लेना शामिल है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में सत्ता में बैठे लोगों के मन में मुंबई और महाराष्ट्र को लेकर एक तरह का डर या आशंका है।

उन्होंने कहा कि शिव सैनिक देश भर में कहीं भी होने वाले लोकतांत्रिक आंदोलनों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे, उन्होंने देश के प्रति समर्पित सभी नागरिकों से इस आंदोलन में शामिल होने की सार्वजनिक अपील की। उन्होंने भाजपा को भी चुनौती दी कि अगर उनमें सचमुच देशभक्ति है तो वे इन विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लें।

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