बीजापुर, 05 मार्च मार्च (वार्ता) छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है।
कलेक्टर संबित मिश्रा ने चार आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 22 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी करने की स्वीकृति प्रदान की है। यह राशि 'छत्तीसगढ़ नक्सलवाद, आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति' के प्रावधानों के तहत दी जा रही है।
कलेक्टर कार्यालय से गुरुवार को मिली जानकारी के अनुसार, यह आर्थिक सहायता आत्मसमर्पित व्यक्तियों के जीवन को बेहतर बनाने और उन्हें स्थायी रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से दी जा रही है। स्वीकृत राशि को सीधे लाभार्थियों के खातों में स्थानांतरित नहीं किया जाएगा, बल्कि उनके नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में तीन वर्षों के लिए सावधि जमा (फिक्स्ड डिपॉजिट) के रूप में रखा जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राशि का उपयोग दीर्घकालिक पुनर्वास के लिए किया जा सके और वह एकमुश्त खर्च न हो जाए।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि यह प्रक्रिया आत्मसमर्पण नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके तहत न केवल आर्थिक सहायता दी जाती है, बल्कि हथियार डालने वाले नक्सलियों को कौशल विकास और अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ने का भी प्रयास किया जाता है। कलेक्टर संबित मिश्रा द्वारा इस आशय का आदेश जारी कर दिया गया है। इस कदम से अन्य सक्रिय नक्सलियों को भी मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरणा मिलने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र में शांति और विकास के प्रयासों को बल मिलेगा।
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