सुकमा , अगस्त 27 -- छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटे सुभाष को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पक्का मकान मिला है। शासन की पुनर्वास नीति और जनकल्याणकारी योजना का लाभ मिलने के बाद वह अब अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

जिले के छिंदगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत किकिरपाल निवासी सुभाष पिता गंगाराम का जीवन कभी नक्सल गतिविधियों के साये में था। आत्मसमर्पण के बाद उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया। शासन की पुनर्वास नीति के तहत उन्हें विभिन्न योजनाओं से जोड़ने की पहल की गई।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुंद ठाकुर के मार्गदर्शन में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए संचालित विशेष परियोजना के तहत सुभाष को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ दिया गया। योजना से मिली सहायता से उन्होंने अपने परिवार के लिए पक्का मकान बनाया है।

कलेक्टर अमित कुमार ने कहा कि आत्मसमर्पित व्यक्तियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर विकास की मुख्यधारा में लाना प्रशासन की प्राथमिकता है। जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर ने बताया कि विशेष परियोजना के पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग लगातार प्रयास कर रहा है।

सुभाष ने पक्का आवास मिलने पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण के बाद शासन ने उन्हें समाज की मुख्यधारा में सम्मान के साथ लौटने का अवसर दिया। यह पक्का घर उनके परिवार के लिए केवल मकान नहीं, बल्कि सुरक्षित भविष्य और नई जिंदगी की शुरुआत है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित