चेन्नई , फरवरी 22 -- तमिलनाडु के तिरुपुर जिले में दिल्ली पुलिस की विशेष टीम द्वारा छह कथित आतंकी संदिग्धों की गिरफ्तारी पर विपक्ष के नेता और अन्नाद्रमुक के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) ने सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार पर आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया है।

ईपीएस ने रविवार को एक्स पर एक पोस्ट में छह संदिग्धों की गिरफ्तारी की खबरों का हवाला देते हुए कहा कि हत्या और लूट की घटनाओं से आगे बढ़कर अब राज्य में आतंकी संगठनों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह चरमरा चुकी है।

उन्होंने 2022 में दीपावली की पूर्व संध्या पर कोयंबटूर में हुए कार बम विस्फोट का उल्लेख करते हुए कहा कि द्रमुक सरकार ने उस समय राज्य में आतंकवादी खतरे को स्वीकार करने के बजाय उसे 'सिलेंडर विस्फोट' करार दिया था।

केंद्रीय एजेंसियों, विशेषकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा लगातार राज्य में आतंकी संदिग्धों की गिरफ्तारी किए जाने की ओर इशारा करते हुए ईपीएस ने पूछा कि द्रमुक सरकार ने इन्हें रोकने के लिए अब तक क्या कदम उठाए हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब दिल्ली पुलिस की टीम आकर संदिग्धों को गिरफ्तार कर रही है, तब तमिलनाडु का आतंकवाद निरोधक दस्ता क्या कर रहा था।

ईपीएस ने आरोप लगाया कि यदि द्रमुक सरकार को सत्ता में बने रहने दिया गया तो लोगों में यह भय बना रहेगा कि 1999 के कोयंबटूर बम धमाकों जैसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में शांति बहाल करने के लिए आगामी विधानसभा चुनावों में वर्तमान शासन को सत्ता से हटाना जरूरी है।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस की विशेष सेल ने तमिलनाडु से छह कथित आतंकी संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और उन्हें आगे की पूछताछ के लिए राष्ट्रीय राजधानी लाया जा रहा है। शुरुआत में तमिलनाडु पुलिस द्वारा हिरासत में लिये गये इन संदिग्धों को बाद में दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया। आरोपियों की पहचान मिजानुर रहमान, मोहम्मद शबात, उमर, मोहम्मद लिटन, मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद उज्जल के रूप में हुई है।

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