रायपुर , मार्च 21 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आवास दिलाने के नाम पर ठगी का एक गंभीर मामला आज सामने आया है। एक महिला को विकास प्राधिकरण (आरडीए) का मकान दिलाने का झांसा देकर आरोपियों ने लाखों रुपये की ठगी कर ली। मामला तब उजागर हुआ जब पीड़िता कथित आवंटन पत्र लेकर कार्यालय पहुंची और दस्तावेज फर्जी पाए गए।

माना थाना क्षेत्र की निवासी 38 वर्षीय कविता मंडल अपने परिवार के लिए खुद का घर खरीदना चाहती थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात तीन लोगों से हुई, जिन्होंने खुद को आरडीए में प्रभावशाली बताकर मकान दिलाने का भरोसा दिलाया। आरोप है कि इन लोगों ने सुनियोजित तरीके से भरोसा जीतकर महिला से अलग-अलग किश्तों में करीब 7.10 लाख रुपये वसूल लिए।

विश्वास कायम रखने के लिए आरोपियों ने महिला को प्राधिकरण के नाम पर तैयार किए गए फर्जी आवंटन दस्तावेज भी सौंपे। हालांकि, जब पीड़िता इन कागजात के आधार पर मकान का कब्जा लेने संबंधित कार्यालय पहुंची, तो अधिकारियों ने जांच के बाद सभी दस्तावेजों को नकली बताया और किसी भी प्रकार के आवंटन से इनकार कर दिया।

ठगी का एहसास होने पर पीड़िता ने आरोपियों से रकम लौटाने की मांग की, लेकिन उसे लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा। लंबे समय तक न्याय न मिलने पर उसने अदालत की शरण ली। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट गुरु देवांगन ने इसे गंभीर मानते हुए पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए।

कोर्ट के आदेश के बाद आज माना थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपियों की तलाश और पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी हुई है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित