गढ़चिरौली , मई 16 -- महाराष्ट्र पुलिस ने माओवाद उग्रवाद के खिलाफ एक बड़ी सफलता में राज्य के गढ़चिरौली जिले को "नक्सल मुक्त" घोषित कर दिया है।
यह सफलता आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार जिले में सक्रिय सभी छह सशस्त्र कैडरों सहित आठ नक्सलियों की गिरफ्तारी और पड़ोसी छत्तीसगढ़ से पांच अन्य के आत्मसमर्पण के बाद मिली है।
'अंतिम प्रहार' नाम के इस अभियान का नेतृत्व गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक एम. रमेश ने किया था और इसे जिला पुलिस के विशेष अभियान दल तथा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने तेलंगाना और छत्तीसगढ़ से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त रूप से चलाया था।
पुलिस ने बताया कि तेलंगाना से चार सशस्त्र नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि चार अन्य को छत्तीसगढ़ सीमा के पास कुमणार और नैताला गांवों से पकड़ा गया, जिससे कुल गिरफ्तारियों की संख्या आठ हो गई। गिरफ्तार कैडरों की पहचान राजू उर्फ मंगदू वेको, जानी उर्फ नागी येमला, जयराम गावड़े, मुकेश उर्फ लच्छू अवलम, विजय उर्फ मंगदू तामो, रजिता उर्फ शम्बत्ती मडावी, ज्योति उर्फ समिता पोटावी और आमती उर्फ आयती इद्मा पोडियम के रूप में की गई है। इनमें से गढ़चिरौली के एटापल्ली निवासी जयराम गावड़े ही एकमात्र स्थानीय निवासी हैं, जबकि शेष आरोपी छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं।
पुलिस अधीक्षक रमेश ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुये कहा कि 31 मार्च के बाद गढ़चिरौली जिले में कंपनी नंबर 10 के केवल छह सशस्त्र सदस्य ही सक्रिय रह गये थे। एक कैडर मोनी मडावी ने छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण कर दिया था, जबकि शेष पांच को इस नवीनतम अभियान के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया।
उन्होंने कहा, "इसके साथ ही, गढ़चिरौली जिले में वर्तमान में कोई भी सशस्त्र नक्सली सक्रिय नहीं है।" उन्होंने आगे बताया कि गिरफ्तार नक्सलियों पर कुल मिलाकर 64 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
इस बीच, अभियान के दौरान पांच नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण भी किया। उनकी पहचान मधु उर्फ राकेश वेलाडा, जीवन उर्फ जग्गू मडकाम, रजनी उर्फ दुर्गा धुर्वा, मंगली कुरसाम और लक्ष्मी पुनेम के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों पर 38 लाख रुपये के इनाम घोषित थे। अभियान के दौरान, पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार और नकदी भी जब्त की, जिसे कथित तौर पर तोड़फोड़ की गतिविधियों के लिए छिपाकर रखा गया था। बरामद की गई वस्तुओं में 65.34 लाख रुपये नकद और 51 आग्नेयास्त्र शामिल हैं, जिनमें दो लाइट मशीन गन (एलएमजी), चार ए.के.-47 राइफलें, चार एस.एल.आर. राइफलें और तीन इंसास (आईएनएसएएस) राइफलें मुख्य हैं।
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