नयी दिल्ली , जनवरी 13 -- भारतीय एवं विश्व इतिहास में 14 जनवरी की महत्वपूर्ण घटनाएं निम्न प्रकार है।

1514 : पोप लियो दशम ने दासता के विरुद्ध आदेश पारित किया।

1551: अकबर के नवरत्नों में शामिल अबुल फजल का जन्म।

1760: फ्रांसीसी जनरल लेली ने पांडिचेरी को अंग्रेज़ों के हवाले कर दिया।

1761 : मराठों और अफगान शासक अहमद शाह अब्दाली के बीच पानीपत की तीसरी लड़ाई।

1809 : इंग्लैंड और स्पेन ने 'नेपोलियन बोनापार्ट' के ख़िलाफ़ गठबंधन किया।

1926 : प्रख्यात लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता महाश्वेता देवी का जन्म।

1937 : छायावादी कवि जयशंकर प्रसाद का निधन।

1969 : मद्रास का नाम बदलकर तमिलनाडु रखा गया।

1974 : विश्व फुटबाल लीग की स्थापना की गयी।

1975 : सोवियत संघ ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को समाप्त किया।

1977 : भारत के एकमात्र फ़ॉरमूला वन चालक नारायण कार्तिकेयन का जन्म।

1982 : इंदिरा गांधी ने नये 20 सूत्री आर्थिक कार्यक्रम का ब्यौरा पेश किया।

1994 : यूक्रेन, रूस तथा संयुक्त राज्य अमेरीका द्वारा मास्को में परमाणु अस्त्र कम करने सम्बन्धी समझौते पर हस्ताक्षर।

1998 : पाकिस्तान में एक अफ़ग़ान कार्गो जहाज़ के दुर्घटनाग्रस्त होने से क़रीब 50 लोगों की मौत हो गई।

1999 : भारत का पहला अत्याधुनिक 'हवाई यातायात परिसर', दिल्ली राष्ट्र को समर्पित किया गया।

2000 : कम्प्यूटर बादशाह बिल गेट्स ने स्टीव वाल्मर को विश्व की सबसे बड़ी कम्प्यूटर साफ़्टवेयर कम्पनी सौंपी।

2001 : अल साल्वाडोर में भूकम्प, 234 लोग मारे गये, मैच फ़िक्सिंग के प्रकरण में भारतीय सटोरिया संजीव चावला लंदन में गिरफ़्तार व जमानत पर रिहा।

2002 : आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष में चीन भारत के साथ, न्यूयार्क में रक्षामंत्री जार्ज फ़र्नांडीस ने आतंकवाद की समाप्ति से पहले सीमा से भारतीय सेनाएँ हटाने से इन्कार किया।

2005 : जम्मू - कश्मीर में दो मुठभेड़ों में पाँच आतंकवादी मारे गये।

2007 : नेपाल में अंतरिम संविधान को मंजूरी मिली।

2008 : उत्तर प्रदेश शासन की निविदा मूल्यांकन कमेटी ने जेपी समूह को एक हज़ार किमी लम्बी 'गंगा एक्सप्रेस वे योजना' का काम सौंपने की संस्तृति की।

2009 : सरकार ने विदेशी पत्रों के फेसीमाइल (प्रति) संस्करणों से शत-प्रतिशत विदेशी निवेश को मंज़ूरी देने की घोषणा की।

2017 : बिहार के पटना में गंगा नदी में नाव डूबने से कम से कम 24 लोगों की मृत्यु।

2020 : केरल सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। केरल ऐसा कदम उठाने वाला पहला राज्य बना।

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