आजमगढ़ , अगस्त 28 -- हादसे का दर्द, अस्पताल का माहौल और आंखों में अपनों की चिंता के बीच रक्षाबंधन के पावन पर्व पर आजमगढ़ के अस्पताल में भावनाओं का अनूठा दृश्य देखने को मिला। सड़क हादसे में घायल महिलाओं और बच्चियों ने शुक्रवार को जिलाधिकारी रविंद्र कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार की कलाई पर राखी बांधी। अधिकारियों ने भी उन्हें उपहार देकर भाई का फर्ज निभाया और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
पवई थाना क्षेत्र में गुरुवार रात गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के पास हुए रोडवेज बस हादसे में कई यात्री घायल हुए थे। अस्पताल में उपचार करा रहीं करीब 20 महिलाओं और बच्चियों से डीएम और एसएसपी ने मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान सुनीता, सृष्टि, श्रेया, अंकिता कुमारी सहित महज चार वर्ष की एलकेजी छात्रा साक्षी ने दोनों अधिकारियों की कलाई पर राखी बांधी।
अधिकारियों ने घायल महिलाओं और उनके परिजनों को भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन उनके साथ है और उपचार से लेकर हर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। हादसे में यात्रियों की जान बचाने का प्रयास करते हुए रोडवेज बस चालक रजनीकांत ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए। अधिकारियों ने उनके साहस और कर्तव्यपरायणता को नमन किया। दुर्घटना में 50 वर्षीय एक महिला की भी मृत्यु हुई है।
जिलाधिकारी के निर्देशन में परिवहन निगम की ओर से दोनों मृतकों के परिजनों को 7.50-7.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। घायलों को भी नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। बताया गया कि बस में कुल 76 यात्री सवार थे, जिनमें 34 घायल एवं चोटिल यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के बाद 13 मरीज स्वस्थ होकर सुरक्षित अपने घर पहुंच चुके हैं। शेष घायलों का उपचार जारी है और चिकित्सक लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता प्रत्येक घायल को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और उनके परिजनों को हरसंभव सहयोग देना है। राहत, उपचार, भोजन, आर्थिक सहायता और सुरक्षित घर पहुंचाने तक प्रशासन संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है।
हादसे के बीच राखी की इन डोरियों ने यह संदेश दिया कि मुश्किल की घड़ी में प्रशासन केवल व्यवस्था का हिस्सा नहीं, बल्कि संवेदना और सहारे का भी नाम है।
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