आजमगढ़ , अगस्त 12 -- उत्तर प्रदेश में आजमगढ़ जिले की दीवानी न्यायालय की एक अदालत ने सात साल पुराने ऋषिकांत यादव हत्याकांड के मामले में दो आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी है। आजमगढ़ जिले के फूलपुर थाना क्षेत्र के भेड़िया (चक अल्ला) गांव निवासी ऋषिकांत की हत्या के मामले में विशेष न्यायाधीश ओम प्रकाश मिश्रा की अदालत ने बुधवार को ये फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी दिनेश यादव और लालमन यादव को सश्रम आजीवन कारावास तथा 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड की आधी राशि मृतक के परिवार को दिए जाने का आदेश दिया गया। वहीं पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में आरोपी रामदेव को दोषमुक्त कर दिया गया। मुकदमे के दौरान एक अन्य आरोपी रामलोचन की मृत्यु हो चुकी है।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता निर्मल कुमार शर्मा के अनुसार नौ सितंबर 2017 की शाम दिनेश और लालमन, राम अवध यादव के पौत्र ऋषिकांत को घर से बुलाकर ले गए थे। देर रात तक उसके वापस न लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। रात करीब डेढ़ बजे डिघिया से पुलिस और एंबुलेंस पहुंची, तब परिजनों को ऋषिकांत की हत्या की जानकारी हुई। आरोप था कि दिनेश, लालमन, रामलोचन और रामदेव ने मारपीट कर उसकी हत्या की थी।

पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता निर्मल कुमार शर्मा और ओमप्रकाश सिंह ने छह गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दिनेश और लालमन को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

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