आजमगढ़ , मई 13 -- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में शिक्षा और समाज कल्याण विभाग को शर्मसार करने वाले 51 लाख रुपये के "शिक्षक वेतन घोटाले" में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी एवं जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह ने बुधवार को बताया कि समाज कल्याण विभाग के मंडलीय उप निदेशक आर.के. चौरसिया की शिकायत पर दर्ज मामले में आरोपी अधिकारी लंबे समय से फरार चल रहा था। बुधवार सुबह कोतवाली पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कुँवर सिंह उद्यान के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया। बाद में न्यायालय में पेश कर आरोपी को जेल भेज दिया गया।

उन्होंने बताया कि मामले का खुलासा तब हुआ जब समाज कल्याण विभाग, आजमगढ़ मंडल के उप निदेशक आर.के. चौरसिया ने उच्चाधिकारियों को शिकायत पत्र देकर आरोप लगाया कि विभाग में अवैध रूप से नियुक्त 10 शिक्षकों को नियमों की अनदेखी कर वेतन का भुगतान किया जा रहा है।

शासन के निर्देश पर गठित विशेष जांच समिति की रिपोर्ट में सामने आया कि बिना वैध नियुक्ति के इन 10 अध्यापकों को कुल 51 लाख 46 हजार 780 रुपये का अनियमित और अवैध भुगतान किया गया।

जांच रिपोर्ट में तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं आहरण-वितरण अधिकारी राजेश चौधरी तथा कार्यालय के प्रधान सहायक सत्येन्द्र बहादुर सिंह को सीधे तौर पर दोषी पाया गया। इसके आधार पर नौ मई 2026 को कोतवाली थाने में मुकदमा संख्या 211/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2) और 316(5) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी राजेश चौधरी मूल रूप से ग्राम महमदपुर हमजा, थाना जलालपुर, जनपद अंबेडकरनगर का निवासी है। वर्तमान में वह जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय, आजमगढ़ के पते पर रह रहा था।

पुलिस ने बताया कि मामले के दूसरे आरोपी प्रधान सहायक सत्येन्द्र बहादुर सिंह की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

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