आजमगढ़ , फरवरी 23 -- उत्तर प्रदेश में आजमगढ़ जिले की दीवानी न्यायालय स्थित एससी/एसटी अदालत ने दलित युवक की हत्या के एक मामले में सुनवाई पूरी करते हुए तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
न्यायाधीश विजय कुमार वर्मा की अदालत ने दो आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये तथा एक आरोपी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है जबकि पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में एक आरोपी को दोषमुक्त कर दिया गया।
लोक अभियोजक आलोक त्रिपाठी के अनुसार वादिनी हेमा कुमारी निवासी रोवापार थाना मेहनाजपुर के भाई अर्जुन की रोहित उर्फ कमलेश निवासी विनैकी थाना मेहनाजपुर से रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश के चलते 31 अगस्त 2014 की सुबह अर्जुन कोकूबा डिग्री कॉलेज के सामने रोहित उर्फ कमलेश, सरजू, डम्पी उर्फ तेजप्रताप सिंह निवासी रोवापार तथा जितेंद्र सिंह निवासी शाहपुर थाना मेहनाजपुर ने रोक लिया और गोली मार दी। गोली लगने से अर्जुन की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
पुलिस ने विवेचना पूरी कर सभी आरोपियों के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक आलोक त्रिपाठी ने 13 गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने रोहित उर्फ कमलेश और सरजू को आजीवन कारावास तथा 25-25 हजार रुपये अर्थदंड, जबकि डम्पी उर्फ तेजप्रताप सिंह को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। आरोपी जितेंद्र सिंह को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।
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