आजमगढ़ , मई 02 -- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये के जीएसटी राजस्व की चोरी कर रहे थे। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने शनिवार को बताया कि गिरोह द्वारा 41.93 करोड़ रुपये की फर्जी आउटवर्ड सप्लाई दिखाकर लगभग 7.54 करोड़ रुपये के अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लिया गया, जिससे सरकार को भारी राजस्व हानि हुई।

उन्होंने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में थाना सिधारी पुलिस और साइबर सेल की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पंजाब में छापेमारी कर विकास कुमार और बलजीत सिंह को गिरफ्तार किया। दोनों अभियुक्तों को पंजाब के गोबिंदगढ़ से पकड़ा गया।

एएसपी के अनुसार जीएसटी विभाग ने सात जुलाई 2025 को फर्जी फर्मों के खिलाफ थाना सिधारी में मुकदमा दर्ज कराया था। जांच में सामने आया कि गिरोह कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर फर्जी कंपनियां बनाकर आईटीसी का अनुचित लाभ ले रहा था।

पूछताछ में पता चला कि विकास कुमार फर्जी फर्म खोलने के लिए अपने दस्तावेज उपलब्ध कराता था, जबकि बलजीत सिंह इन फर्मों के संचालन के लिए बड़ी संख्या में सिम कार्ड और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराता था, जिनके माध्यम से जीएसटी पोर्टल पर लेनदेन और ऑनलाइन गतिविधियां संचालित की जाती थीं।

जांच में पंकज इंटरप्राइजेज, भोलानाथ इंटरप्राइजेज, शिवम ट्रेडर्स और वी.के. इंटरप्राइजेज सहित कई फर्मों के नाम सामने आए हैं। इनमें से भोलानाथ इंटरप्राइजेज के माध्यम से ही 41.93 करोड़ रुपये की फर्जी सप्लाई दर्शाकर 7.54 करोड़ रुपये का टैक्स क्रेडिट हड़पने का मामला प्रकाश में आया है।

पुलिस ने बताया कि दोनों अभियुक्तों को 29 अप्रैल को फतेहगढ़ साहिब न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आजमगढ़ लाया गया और शनिवार को स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले में गिरोह के अन्य फरार सदस्यों और सहयोगियों की तलाश जारी है।

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