आजमगढ़ , जून 17 -- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिला कारागार से वर्ष 2016 में फरार हुए दो शातिर बंदियों की तलाश लगभग दस वर्ष बाद समाप्त हो गई। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) लखनऊ और सिधारी थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक-एक लाख रुपये के इनामी दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि जिले में वांछित एवं इनामी अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान चन्द्रशेखर उर्फ शेखर और प्रकाश मुसहर के रूप में हुई है।

जानकारी के मुताबिक 18 अगस्त 2016 को जिला कारागार आजमगढ़ से तीन विचाराधीन बंदी जेल परिसर से फरार हो गए थे। इस घटना के संबंध में थाना सिधारी में मुकदमा संख्या 157/2016 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 223 और 224 में मामला दर्ज किया गया था। विवेचना पूरी होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया गया, लेकिन अभियुक्त लगातार फरार चल रहे थे। उनकी गिरफ्तारी पर शासन ने एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

बुधवार को एसटीएफ लखनऊ और सिधारी पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना के आधार पर दोनों फरार इनामी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे वर्ष 2016 में अपने एक अन्य साथी के साथ जिला कारागार से फरार हुए थे।

अभियुक्तों ने पुलिस को बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वे लगातार अपने ठिकाने बदलते रहे। इस दौरान उन्होंने पंजाब में रहकर मजदूरी और खेती का कार्य किया। हाल ही में वे गाजीपुर जाने के उद्देश्य से आजमगढ़ आए थे, जहां पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त निगरानी के चलते उन्हें पकड़ लिया गया।

गिरफ्तार चन्द्रशेखर उर्फ शेखर (37) मूल रूप से वाराणसी जनपद के चोलापुर थाना क्षेत्र के लस्करपुर गांव का निवासी है। वह वर्तमान में गाजीपुर जिले के गहमर थाना क्षेत्र में रह रहा था। दूसरा अभियुक्त प्रकाश मुसहर (52) गाजीपुर जिले के मरदह थाना क्षेत्र के दुर्खुसी गांव का निवासी है।

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