लखनऊ/आगरा , जनवरी 21 -- उत्तरप्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) अमित कुमार घोष ने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और परिणामोन्मुख बनाने के लिए आगरा एवं अलीगढ़ मंडल में सर्जिकल प्रैक्टिस हेतु एक-एक "सेंटर ऑफ एक्सीलेंस" स्थापित किए जाएंगे।
बुधवार को मंडलायुक्त कार्यालय, आगरा में आयोजित मंडलस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान वर्चुअल माध्यम से जुड़े अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने कहा कि एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा के सहयोग से आगरा और अलीगढ़ मंडल में ऐसे सेंटर विकसित किए जाएं, जिससे सर्जिकल प्रशिक्षण/प्रैक्टिस को मजबूती मिले और मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली सर्जिकल सुविधाएं भी उपलब्ध हों। उन्होंने दोनों मंडलों में एंटी रेबीज और एंटी स्नेक वेनम समेत सभी आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एसीएस ने कहा कि कैंसर की पहचान, उपचार और रोकथाम सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए कैंसर स्क्रीनिंग बढ़ाई जाए। साथ ही बच्चों में खसरे के संक्रमण की रोकथाम के लिए बृहद और लक्षित अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने ड्यूटी अवधि में स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा ड्रेस कोड का पालन सुनिश्चित करने और सभी स्वास्थ्य इकाइयों में मानकों के अनुसार एम्बुलेंस की 100 प्रतिशत उपलब्धता पर जोर दिया।
बैठक में मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. पिंकी जोवल (आईएएस) ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए मानव संसाधन की तर्कसंगत नियुक्ति हेतु एसओपी तैयार की जाए। साथ ही कर्मचारियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति की निगरानी के लिए ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर साइनेज व सिटीजन चार्टर की अनिवार्य उपलब्धता, उपकरणों को क्रियाशील रखने और अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने पर भी बल दिया।
अधिकारियों के अनुसार समीक्षा बैठक से पहले 17 से 19 जनवरी के बीच आगरा व अलीगढ़ मंडल की 1570 स्वास्थ्य इकाइयों का स्थलीय निरीक्षण किया गया था। इसमें दवा उपलब्धता, पेयजल, स्वच्छता, सेवाओं की गुणवत्ता, मानव संसाधन स्थिति और मातृ-शिशु स्वास्थ्य व टीकाकरण सहित प्रमुख कार्यक्रमों की प्रगति का आकलन किया गया।
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