जालंधर , मई 09 -- आकाशवाणी की स्थापना के 90 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय लोक प्रसारक के जालंधर केंद्र द्वारा शनिवार को वॉकाथॉन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में सैकड़ों श्रोताओं, स्टाफ सदस्यों, एंकरों और प्रस्तुतकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
वॉकाथॉन को रणजीत मीणा और आर.के. जारंगल ने समाचार एवं कार्यक्रम प्रमुखों के साथ झंडी दिखाकर रवाना किया। इस आयोजन को आकाशवाणी एफएम स्टूडियो से लाइव जोड़ा गया।कार्यक्रम के दौरान श्रोताओं, पूर्व कर्मचारियों और अन्य प्रतिभागियों ने ऑन एयर अपने अनुभव साझा किये, जबकि एफएम स्टूडियो में एंकरों ने चुनिंदा गीत प्रस्तुत किये। युवा एंकरों और प्रस्तुतकर्ताओं ने गीतों की धुनों पर थिरककर माहौल को और जीवंत बना दिया।
आकाशवाणी ने अपने आदर्श वाक्य 'बहुजन हिताय - बहुजन सुखाय' पर चलते हुए पिछले नौ दशकों से देश को सूचना, शिक्षा और मनोरंजन प्रदान किया है। वर्तमान में 591 केंद्रों के माध्यम से यह भारत की 98 प्रतिशत आबादी तक अपनी पहुंच बनाए हुए है।
बताया गया कि आठ जून 1936 को इंडियन स्टेट ब्रॉडकास्टिंग सर्विस का नाम बदलकर ऑल इंडिया रेडियो रखा गया था। स्वतंत्रता के बाद इसका तेजी से विस्तार हुआ और वर्ष 1956 में इसे 'आकाशवाणी' नाम मिला। यह संस्थान देश की सांस्कृतिक, सूचना और प्रसारण विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो आने वाली पीढ़ियों तक अपनी पहचान बनाये रखेगा।
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