लंदन , सितंबर 16 -- काउंटी क्रिकेट में मंगलवार को भारतीय क्रिकेटरों का जलवा देखने को मिला, जहां आकिब नबी और जयदेव उनादकट ने गेंद से तो मयंक अग्रवाल ने बल्ले से दमदार प्रदर्शन किया। मुकेश कुमार ने भी नॉटिंघमशायर की ओर से पर्दापण किया।
ग्लमॉर्गन 132 (नबी 4-36) और 30-0 की सरी 115 (जैन-उल-हसन 4 -26) के खलाफ 47 रन की बढ़त।
ओवल में खेले जा रहे ग्लमॉर्गन और सरी के बीच मैच की जहां पहले ही दिन विकेटों की ऐसी झड़ी लगी कि कुल 20 विकेट गिर गए। सरी ने ग्लमॉर्गन को 132 रन पर ऑलआउट किया और जवाब में स्वयं भी 115 रन पर ढेर हो गई।
पूरे दिन दोनों टीमों के तेज गेंदबाजों का दबदबा रहा। 19 साल के जैक होप-बेल ने अपने दूसरे प्रथम श्रेणी मैच में ग्लमॉर्गन की ओर से सबसे अधिक 33 रन बनाए, जबकि सरी की ओर से रियान पटेल के 26 रन सबसे बड़ा स्कोर रहे।
आकिब नबी सरी के चार सदस्यीय सीम आक्रमण में सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 10 ओवर में 36 रन देकर चार विकेट लिए। सरी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी चुनी थी और सीम करती पिच पर ग्लमॉर्गन ने लंच तक 4 विकेट पर 93 रन बना लिए थे। नबी का पहला स्पेल लाजवाब था, उन्होंने 5 ओवर में सिर्फ़ 27 रन देकर तीन विकेट लिए। उनके शिकार बने आसा ट्राइब, किरण कार्लसन और होप-बेल। नबी हवा में भी गेंद को लहरा रहे थे और और पिच से भी उन्हें लेट स्विंग मिल रही थी। उन्होंने अपने सातवें गेंद पर ट्राइब को दूसरी स्लिप में 31 रन पर कैच कराया। नबी की गेंद पर ही दो ओवर बाद सिबली ने पहली स्लिप में थोड़ा मुश्किल कैच लपकते हुए कार्लसन को पवेलियन की राह दिखाई। इसके बाद नबी ने शानदार लेग-कटर डाली, जिसने होप-बेल के ऑफ़ स्टंप को उड़ा दिया। बल्लेबाज़ ने आगे बढ़कर डिफ़ेंस करने की कोशिश की थी, लेकिन गेंद बल्ले को छकाकर स्टंप पर जा लगी।
लंच के बाद ग्लमॉर्गन की पारी अचानक पूरी तरह बिखर गई। वॉरल की गेंद पर केलेवे को दूसरी स्लिप में 22 रन पर कैच कराया गया और इसके बाद आखिरी पांच विकेट मात्र 12 रन के अंदर आठ ओवर में गिर गए। नबी दोबारा गेंदबाजी पर आए और बिली रूट को 49 गेंदों में 11 रन पर विकेट के पीछे कैच करा दिया।
डरहम 437-7 (मयंक अग्रवाल 177, रॉबिन्सन नाबाद 78) बनाम वूस्टरशायर।
पूर्व भारतीय टेस्ट बल्लेबाज़ मयंक अग्रवाल ने बैंक्स होम्स रिवरसाइड में सीजन के आख़िरी मैच देखने आए दर्शकों को शानदार 177 रन की पारी से ख़ुश कर दिया। उनकी इस पारी की बदौलत डिविजन टू चैंपियन डरहम ने वूस्टरशायर के ख़िलाफ़ काउंटी चैंपियनशिप मैच के पहले दिन पूरी तरह दबदबा बनाए रखा। दिन का खेल ख़त्म होने तक डरहम 7 विकेट पर 437 रन बना चुका था। वह पूरे पांच बैटिंग बोनस पॉइंट हासिल करने से सिर्फ़ 13 रन दूर था, हालांकि उसे इन अंकों की ख़ास ज़रूरत नहीं थी। फिर भी दिन का खेल यह बताने के लिए काफ़ी था कि इस सीज़न डिविज़न टू में डरहम का इतना दबदबा क्यों रहा है।
एक समय डरहम 3 विकेट पर 74 रन बनाकर थोड़ी मुश्किल स्थिति में था, लेकिन अग्रवाल और बेन स्टोक्स की साझेदारी ने मैच का रुख़ बदल दिया। ऐसा लगा जैसे अग्रवाल और स्टोक्स एक-दूसरे से मुक़ाबला कर रहे हों। अग्रवाल और स्टोक्स ने महज़ 15.3 ओवर में 105 रन की साझेदारी निभाई जिसमें 20 चौके शामिल थे। स्टोक्स 50 रन बनाकर पवेलियन लौटे।
अग्रवाल ने 50 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जबकि स्टोक्स ने उनसे 11 गेंद कम लीं। दोनों के बीच ज़्यादा फ़र्क़ करना मुश्किल था। उनकी साझेदारी के आख़िरी आधे घंटे में वूस्टरशायर के गेंदबाज पूरी तरह बेअसर नज़र आए। एलिसन की गेंद पर अग्रवाल का 19वां चौका बैक-कट के ज़रिए आया और इसके साथ ही उन्होंने डरहम के लिए अपना पहला शतक पूरा कर लिया। यह सीज़न के अंत तक डेविड बेडिंघम के शॉर्ट-टर्म रिप्लेसमेंट के तौर पर साइन किए जाने के बाद उनकी पांचवीं पारी थी।
अग्रवाल ने 156 मिनट बल्लेबाज़ी की और 121 गेंदों का सामना किया। लेकिन उनका काम अभी ख़त्म नहीं हुआ था। ऑली रॉबिन्सन के साथ मिलकर अग्रवाल ने छठे विकेट के लिए 149 रन और जोड़ दिए। इस दौरान वूस्टरशायर को उस मौक़े का अफ़सोस रहा होगा, जब चाय के बाद ब्रेट डी'ओलिवेरा के पहले ओवर में गिबन ने मिडविकेट पर अग्रवाल का एक मुश्किल कैच छोड़ दिया था। जब यह कैच छूटा, तब अग्रवाल 109 रन पर थे और डरहम का स्कोर 293 रन था।
इसके बाद डरहम ने 106 रन और जोड़े और वह अपने चौथे बैटिंग प्वाइंट से सिर्फ़ कुछ ही दूर थे। आख़िरकार नई गेंद से टॉम टेलर के तीसरे ओवर में अग्रवाल आउट हुए। उन्हें विकेटकीपर हेनरी कलन ने कैच किया। दिन का खेल खत्म होने तक रॉबिन्सन 78 रन पर नाबाद थे। उन्होंने इस सीजन का अपना दूसरा अर्धशतक पूरा किया और जून के बाद पहली बार पचास का आंकड़ा पार किया।
नॉटिंघमशायर 239-9 (हटन नाबाद 59, प्राइस 3-33, उनादकट 3/82) बनाम ससेक्स।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित