बैतूल , जुलाई 28 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने वेतन विसंगति, बकाया एरियर और समय पर वेतन भुगतान की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया तथा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वे वर्ष 2012-13 से आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं। इनमें सफाई कर्मचारी, सुरक्षा गार्ड, कंप्यूटर ऑपरेटर, केयर टेकर तथा एनआरसी सपोर्ट स्टाफ सहित विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारी शामिल हैं। उनका कहना है कि नियुक्ति के समय उन्हें लगभग 5,000 रुपये मासिक मानदेय मिलता था, जो 13 वर्षों बाद भी बढ़कर केवल करीब 8,000 रुपये तक पहुंचा है।
कर्मचारियों का आरोप है कि शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम मानदेय 12,425 रुपये प्रतिमाह होने के बावजूद उन्हें निर्धारित दर से काफी कम भुगतान किया जा रहा है। उनका कहना है कि कम वेतन के कारण परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो गया है और आर्थिक संकट लगातार बढ़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वेतन का भुगतान भी नियमित रूप से नहीं किया जाता। कई बार एक से दो माह की देरी से वेतन मिलने के कारण दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में कठिनाई होती है। उन्होंने भविष्य निधि (पीएफ) की नियमित कटौती और जमा नहीं होने का भी आरोप लगाया।
कर्मचारियों ने ज्ञापन के माध्यम से शासन द्वारा निर्धारित दर के अनुसार वेतन भुगतान, कम दिए गए वेतन का एरियर, पीएफ की नियमित जमा सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक माह समय पर वेतन उपलब्ध कराने की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान कराने की अपील की। उनका कहना है कि लंबे समय से संबंधित अधिकारियों के समक्ष मांगें रखी जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे।
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