वाशिंगटन , मई 23 -- ग्रेट लेक्स के लिए अंतरराष्ट्रीय संपर्क समूह (आईसीजी ) ने पूर्वी कांगो (डीआरसी) में जारी लड़ाई और क्षेत्रीय स्थिरता पर इसके प्रभाव पर चिंता व्यक्त की और शांति को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से किए जा रहे हालिया राजनयिक प्रयासों का स्वागत किया।

समूह ने कहा कि वह क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के नेतृत्व में चल रहे मध्यस्थता प्रयासों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है। समूह ने सभी पक्षों से आग्रह किया कि वे संघर्ष का स्थायी राजनीतिक समाधान प्राप्त करने के लिए हाल के समझौतों को आगे बढ़ाएं। बेल्जियम, डेनमार्क, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका से मिलकर बने इस समूह ने कहा कि वह पूर्वी कांगो में जारी हिंसा और क्षेत्रीय स्थिरता पर इसके प्रभाव को लेकर चिंतित है।

समूह की ओर से जारी संयुक्त बयान कहा गया, "आईसीजी कांगो के पूर्वी हिस्से में जारी संघर्ष और इस संघर्ष के कारण क्षेत्रीय स्थिरता और समृद्धि में आने वाली बाधाओं पर अपनी चिंताओं को दोहराता है।" समूह ने कतर, अमेरिका, अफ्रीकी संघ द्वारा नियुक्त मध्यस्थ, टोगो के अधिकारियों और क्षेत्रीय भागीदारों द्वारा सुगम बनाए जा रहे चल रहे शांति प्रयासों के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया। समूह कांगो और रवांडा के बीच 'वाशिंगटन समझौते' और कांगो तथा 'एलायंस फ्लेउव कांगो/मार्च 23 मूवमेंट' (एएफसी/एम23) से जुड़े 'दोहा फ्रेमवर्क समझौते' के तहत हुई प्रगति का स्वागत किया।

आईसीसी ने अप्रैल में स्विट्जरलैंड के मॉन्ट्रो में हुई वार्ता के दौरान हुए समझौतों की भी सराहना की, जहाँ कांगो सरकार और एएफसी/एम23 ने मानवीय कार्यों का समर्थन किया, कैदियों की रिहाई के लिए प्रतिबद्धता जताई और संघर्ष-विराम निगरानी तंत्र के कार्यान्वयन का समर्थन किया। बयान में 23 अप्रैल को वाशिंगटन में हुई चर्चाओं का भी स्वागत किया गया, जहाँ कांगो और रवांडा ने एक 'संयुक्त निगरानी समिति' का गठन किया था और वाशिंगटन समझौतों के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने का संकल्प दोहराया।

साथ ही, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2773 को लागू करने के महत्व का भी उल्लेख किया है। आईसीजी ने सभी प्रमुख कांगोई हितधारकों के साथ एक समावेशी 'अंतर-कांगोई संवाद' के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनाने के महत्व को रेखांकित किया, जो डीआरसी में स्थायी शांति के लिए एक अनिवार्य तत्व है।

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