चेन्नई , जून 01 -- भारतीय तट रक्षक बल (आईसीजी) ने रविवार शाम को चेन्नई बंदरगाह पर आयोजित एक पारंपरिक सैन्य परेड में पूरे तट रक्षक सम्मान के साथ अपने समर क्लास का तीसरा उन्नत अपतटीय गश्ती पोत 'सारंग' को सेवानिवृत कर दिया।
सारंग ने देश की समुद्री सुरक्षा में 27 वर्षों तक महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
एक रक्षा विज्ञप्ति में आज बताया गया कि 31 मई, 2026 को सूर्यास्त के समय चेन्नई बंदरगाह पर आयोजित एक पारंपरिक सैन्य समारोह में भारतीय तट रक्षक जहाज (आईसीजीएस) सारंग को पूरे तट रक्षक सम्मान के साथ सेवामुक्त कर दिया गया। इस समारोह की अध्यक्षता अतिरिक्त महानिदेशक डॉनी माइकल, कमांडर, तट रक्षक पूर्वी सीबोर्ड ने की और इसमें विभिन्न नागरिक व सैन्य गणमान्य व्यक्तियों, पूर्व कमांडिंग अधिकारियों और जहाज के चालक दल के सदस्यों ने भाग लिया। इस जहाज को 21 जून, 1999 को गोवा में आईसीजी के पहले महानिदेशक वाइस एडमिरल वीए कामथ (सेवानिवृत्त) द्वारा कमीशन किया गया था। शुरुआत में यह जहाज मुंबई में तैनात था और बाद में 1 अप्रैल, 2002 को इसे चेन्नई में स्थानांतरित कर दिया गया था।
सारंग का अर्थ "बाज" है, जो दृढ़ संकल्प, ध्यान, भविष्य की योजना, त्वरित निर्णय लेने और सुरक्षा का प्रतिनिधित्व करता है। यह नाम असत्य पर सत्य, गलत पर सही और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। यह नाम देश की सेवा के लिये आईसीजी के कर्तव्यों के चार्टर को पूरा करने में उत्कृष्टता प्राप्त करने की दिशा में अथक प्रयास करने के लिये सभी को प्रेरित करता है। सारंग देश के समुद्री हितों की "रक्षा और प्रयास करने" के लिये आईसीजी के संकल्प और प्रतिबद्धता का एक प्रतिबिंब है और हाल के दिनों में व्यापक पहुंच तथा जीवंत विविधता के साथ सराहनीय ऊंचाइयों तक बढ़ा है।
समारोह के दौरान एक औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया गया। जैसे ही सूर्य क्षितिज के नीचे डूबा, तट रक्षक ध्वज को अंतिम बार ध्वज स्तंभ से उतार लिया गया। सेवामुक्ति के प्रतीक पेनांट (ध्वज), जो जहाज की कुल लंबाई के बराबर था, को भी उसी समय नीचे उतारा गया। इस प्रक्रिया के साथ ही गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा स्वदेशी रूप से निर्मित समर क्लास के तीसरे उन्नत अपतटीय गश्ती पोत की 27 वर्षों की शानदार सेवा औपचारिक रूप से समाप्त हो गयी। जहाज के सेवा काल के दौरान इस पर तैनात रहे पूर्व कमांडिंग अधिकारियों के साथ-साथ अधिकारियों और नाविकों ने जहाज को भावभीनी विदाई दी।
तट रक्षक पूर्वी सीबोर्ड के कमांडर ने चालक दल को संबोधित करते हुये देश के प्रति जहाज के अनुकरणीय योगदान और निरंतर सेवा पर प्रकाश डाला। उन्होंने जहाज के असाधारण परिचालन दायरे और समुद्र के प्रहरी के रूप में उसकी भूमिका की सराहना की, जिनमें श्रीलंका के तट के पास मोटर टैंकर 'न्यू डायमंड' पर आग बुझाने के दौरान निभाई गयी महत्वपूर्ण भूमिका भी शामिल है। उन्होंने देश की समुद्री सुरक्षा में सारंग के अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान को भी रेखांकित किया।
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