तिरुवनंतपुरम , मई 15 -- केरल के मनोनीत मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने शुक्रवार को इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमल) को अलग-थलग करने और निशाना बनाने के जानबूझ कर किए जा रहे प्रयासों के खिलाफ उसका पुरजोर बचाव किया और स्पष्ट किया कि उनके नेतृत्व में धर्मनिरपेक्ष मूल्यों से 'कोई समझौता' नहीं किया जाएगा।
नए मंत्रिमंडल का नेतृत्व करने के लिए चुने जाने के बाद अपने पहले बड़े राजनीतिक बयान में श्री सतीशन ने कहा कि केवल मुस्लिम लीग के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों का उद्देश्य समाज में विभाजन पैदा करना और राज्य में सांप्रदायिक ताकतों को मजबूत करना है।
श्री सतीशन ने कहा, "मुस्लिम लीग पर अलग-थलग करके हमला नहीं किया जाना चाहिए। अगर लीग कमजोर होती है, तो सांप्रदायिक ताकतें उस राजनीतिक स्थान पर कब्जा कर लेंगी। लीग भी एक ऐसी राजनीतिक ताकत है जो ऐसे तत्वों को बढ़ने से रोकती है।"आईयूएमएल को संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) का एक प्रमुख घटक बताते हुए श्री सतीशन ने गठबंधन की चुनावी सफलता में बड़ी भूमिका निभाने का श्रेय पार्टी को दिया। श्री सतीशन के अनुसार, लीग को नकारात्मक रूप से चित्रित करने के प्रयास राजनीति से प्रेरित थे जिनका उद्देश्य केरल में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देना था।
कांग्रेस नेता ने कहा, "नफरत पर आधारित अभियानों से कोई समझौता नहीं होगा। धर्मनिरपेक्ष रुख पर बिल्कुल भी समझौता नहीं किया जाएगा। हमने चुनाव अभियान के दौरान कोई समझौता नहीं किया और चुनाव के बाद भी समझौता करने का कोई सवाल ही नहीं उठता।"मनोनीत मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि विभाजनकारी राजनीति से केरल के सामाजिक ताने-बाने को अशांत नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सद्भाव और सह-अस्तित्व के माहौल में शांति से रहने में सक्षम होना चाहिए।
श्री सतीशन ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार धार्मिक आधार पर लोगों को विभाजित करने के प्रयासों का विरोध करते हुए समावेशी राजनीति और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखेगी।
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