नयी दिल्ली , जून 18 -- केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन कार्यरत भारतीय औषध संहिता आयोग (आईपीसी) ने ब्राजील के ब्रासीलिया में आयोजित विश्व औषध संहिताओं की 16वीं अंतर्राष्ट्रीय बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि 15 से 17 जून तक आयोजित इस बैठक में आईपीसी के सचिव-सह-वैज्ञानिक निदेशक डॉ. वी. कलाइसेल्वन के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया। बैठक में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) सहित दुनिया की प्रमुख औषध संहिताओं के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक के दौरान भारतीय औषध संहिता में हुए हालिया सुधारों, आधुनिकीकरण की पहलों और औषध गुणवत्ता मानकों के वैश्विक सामंजस्य में भारत के योगदान को प्रस्तुत किया गया। इस दौरान यह स्वीकार किया गया कि भारतीय औषध संहिता के मानक अब विश्व की अग्रणी अंतरराष्ट्रीय औषध संहिताओं के समकक्ष हैं, जो भारत की वैज्ञानिक और नियामक क्षमता को दर्शाता है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत को तपेदिक-रोधी, कैंसर-रोधी और एनीमिया उपचार में प्रयुक्त दवाओं के साथ-साथ रक्त एवं रक्त उत्पादों तथा अन्य जटिल औषधीय उत्पादों के लिए गुणवत्ता मानकों के विकास में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए विशेष सराहना मिली। विशेषज्ञों ने माना कि इन क्षेत्रों में भारत का योगदान वैश्विक औषध सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण है।
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